1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. कर्नाटक का नाटक जारी, 1.30 बजे तक बहुमत साबित करने के निर्देश के खिलाफ याचिका

कर्नाटक का नाटक जारी, 1.30 बजे तक बहुमत साबित करने के निर्देश के खिलाफ याचिका

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 19, 2019 10:52 am IST,  Updated : Jul 19, 2019 10:52 am IST

राज्यपाल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे तक विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने को कहा है। इससे पहले कर्नाटक विधानसभा को गुरुवार को सत्तारूढ़ कांग्रेस-जद (एस) व विपक्षी भाजपा के नेताओं के विश्वास मत प्रस्ताव पर देरी करने को लेकर हंगामे के बाद विधानसभा को स्थगित कर दिया गया।

कर्नाटक का नाटक जारी, 1.30 बजे तक बहुमत साबित करने के निर्देश के खिलाफ याचिका- India TV Hindi
कर्नाटक का नाटक जारी, 1.30 बजे तक बहुमत साबित करने के निर्देश के खिलाफ याचिका

नई दिल्ली: कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी को शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे तक विधानसभा में विश्वास मत पेश करने के निर्देश के खिलाफ कांग्रेस-जनता दल (सेकुलर) के सत्तारूढ़ गठबंधन ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। बता दें कि राज्यपाल वजुभाई वाला ने मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी को शुक्रवार को दोहपर 1.30 बजे तक विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा है। 

Related Stories

राज्यपाल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे तक विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने को कहा है। इससे पहले कर्नाटक विधानसभा को गुरुवार को सत्तारूढ़ कांग्रेस-जद (एस) व विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के विश्वास मत प्रस्ताव पर देरी करने को लेकर हंगामे के बाद विधानसभा को 30 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया। बाद में शाम में इसे शुक्रवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया गया। 

हालांकि दिन में मुख्यमंत्री एच.डी.कुमारस्वामी ने अपनी गठबंधन सरकार का सदन में बहुमत साबित करने के लिए प्रस्ताव पेश किया। विधानसभा अध्यक्ष के.आर.रमेश कुमार ने सदस्यों से कहा, "मैं सदन को 30 मिनट के लिए स्थगित करता हूं, ऐसा भाजपा के शक्ति परीक्षण की मांग के अव्यवस्था के कारण है और कांग्रेस बिना चर्चा के इसका विरोध कर कर रही है।"

कुमारस्वामी ने सुबह 11 बजे विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया और इस पर बोलना शुरू किया था। कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) नेता सिद्धारमैया ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से एक बिंदु उठाया, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में कहा गया कि सत्तारूढ़ सहयोगी के 15 बागी विधायक सत्र में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं है और पार्टी व्हिप उन पर लागू नहीं होगा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत