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विकास के मामले में भाजपा पर भरोसा, ओपिनयन पोल में महागठबंधन आगे

 Written By: India TV News Desk
 Published : Sep 09, 2015 07:52 pm IST,  Updated : Sep 11, 2015 12:16 pm IST

नई दिल्ली: आरजेडी, जदयू और कांग्रेस का महागठबंधन बिहार चुनाव में करीब 116 से 132 सीटें जीतता दिख रहा है। वहीं भाजपा, एलजेपी, रालोसपा और हम के गठबंधन को इस चुनाव में 94 से 110

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ओपिनियन पोल: C-Voters सर्वे में महागठबंधन आगे

नई दिल्ली: आरजेडी, जदयू और कांग्रेस का महागठबंधन बिहार चुनाव में करीब 116 से 132 सीटें जीतता दिख रहा है। वहीं भाजपा, एलजेपी, रालोसपा और हम के गठबंधन को इस चुनाव में 94 से 110 सीटें मिलने की उम्मीद है। इस पोल के मुताबिक अन्य को भी 13 से 21 सीटें मिलती दिख रही हैं। 243 विधानसभा सीटों वाले बिहार के बारे में यह आंकलन इंडिया टीवी के सी-वोटर्स के ओपिनियन पोल में सामने आया है।


अगस्त महीने के अंतिम हफ्ते से सितंबर के पहले हफ्ते तक सी-वोटर्स ने बिहार के 243 हिस्सों के करीब 10,638 लोगों से राज्य का मिजाज भांपने की कोशिश की। सी वोर्टस ने यह भी कहा कि इस ओपिनियन पोल में 3 फीसदी की ऊंच-नीच राज्य के स्तर पर और 5 फीसदी की ऊंच नीच स्थानीय स्तर पर हो सकती है। साल 2010 के विधानसभा चुनाव के दौरान बिहार और जेडीयू के गठबंधन को 206 सीटें मिली थीं, जबकि लालू यादव और पासवान के गठबंधन को सिर्फ 25 सीटें ही नसीब हुईं। हालांकि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में एनडीए (भाजपा-लोजपा-रालोसपा) को 174 सीटें मिली, जबकि मोदी लहर में लालू और नीतीश की जोड़ी सिर्फ 51 सीटों पर ही अपना कब्जा जमा पाई।

कौन सबसे ज्यादा पसंदीदा-

जब लोगों से पूछा गया कि उनकी नजर में बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर कौन सबसे ज्यादा पसंदीदा है तो 53 फीसदी लोगों ने नीतीश कुमार को अपनी पहली पसंद बताया जबकि 18 फीसदी लोगों ने भाजपा नेता सुशील मोदी का नाम लिया, वहीं 5 फीसदी लोगों ने लालू प्रसाद और शत्रुघन सिन्हा का भी नाम लिया।

अगर मतदान प्रतिशत की बात की जाए तो इस बार लालू-नीतीश और कांग्रेस के महागठबंधन को 43 फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं जबकि भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन को 40 फीसदी वोट मिलने का ही अनुमान है। वहीं 17 फीसदी वोट अन्य दलों को भी मिलते हुए दिख रहे हैं।

चुनावी मुद्दा-

56 फीसदी लोगों ने कहा कि इस बार का चुनाव बदलाव के मुद्दे पर लड़ा जा सकता है, वहीं 44 फीसदी लोगों ने कहा चुनाव का मुद्दा बदलाव नहीं होगा। 52 फीसदी लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वो अपना मुख्यमंत्री बदलना चाहते हैं, वहीं 48 फीसदी लोगों ने इससे इनकार किया। 70 फीसदी लोगों ने कहा कि वो अपने मौजूदा विधायकों को बदलना चाहते हैं।

कौन करेगा विकास-



जब लोगों से बात की गई कि कौन बिहार के विकास के लिए काम करेगा तो 36 फीसदी लोगों ने कहा कि यह काम सिर्फ भाजपा का गठबंधन कर सकता है। वहीं 25 फीसदी लोगों ने विकास के लिए लालू और नीतीश के गठबंधन को पसंदीदा बताया।

बिहार की बदहाली के लिए कौन जिम्मेदार-

लोगों से जब यह पूछा गया कि आखिर बिहार की बदहाली के लिए कौन जिम्मेदार है तो 52 फीसदी लोगों ने राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया जबकि 35 फीसदी लोगों ने केंद्र सरकार को इसके लिए दोषी पाया।

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