नई दिल्ली: द्विपक्षीय संबंधों को नया आयाम देने के प्रयास के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेपाली समकक्ष के पी शर्मा ओली ने आज व्यापक बातचीत की और ‘‘समानता, आपसी विश्वास एवं सम्मान’’ के आधार पर संबंधों को एक नयी ऊंचाई पर ले जाने के लिए समग्र सहभागिता बढ़ाने की प्रतिबद्धता जतायी।
प्रतिनिधिमंडल स्तरीय बातचीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत चहुंमुखी विकास की नेपाल की इच्छा के लिए हमेशा उसके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच गहन सहयोग से नेपाल में लोकतंत्र मजबूत होगा। वहीं, चीन के साथ घनिष्ठ संबंधों के समर्थक माने जाने वाले ओली ने अपने प्रेस बयान में कहा कि उनकी सरकार दोनों देशों (भारत और नेपाल) के बीच ‘‘विश्वास आधारित’’ संबंधों की मजबूत इमारत का निर्माण करना चाहती है।
ओली ने मोदी की मौजूदगी में दिए अपने बयान में कहा, ‘‘पड़ोसियों के बीच संबंध अन्य से अलग होते हैं। समानता, न्याय, परस्पर सम्मान के सिद्धांतों के आधार पर पड़ोस की वास्तविकताएं शांतिपूर्ण सहअस्तित्व का निर्माण करती हैं।’’ विदेश सचिव विजय गोखले ने संवाददाताओं से कहा कि दोनों प्रधानमंत्रियों ने बातचीत को ‘‘बहुत संतोषजनक’’ बताया। उन्होंने बताया कि चर्चा का मुख्य जोर रक्षा, प्रतिरक्षा, कृषि, व्यापार के क्षेत्र में सहयोग बढा़ने के साथ ही रेलवे एवं जलमार्गों के जरिये सम्पर्क बढ़ाने पर था।
ओली ने कहा, ‘‘मैं 21वीं सदी की हकीकतों के अनुरूप हमारे संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से भारत आया हूं। हम दोनों नजदीकी पड़ोसियों के बीच ‘विश्वास आधारित’’ संबंधों की मजबूत इमारत का निर्माण करना चाहते हैं। हम संबंधों का एक मॉडल का निर्माण करना चाहते हैं।’’ संयुक्त बयान के अनुसार दोनों प्रधानमंत्रियों ने ‘‘समानता, आपसी विश्वास और सम्मान और लाभ’’ के आधार पर संबंधों को नयी ऊंचाई पर ले जाने की प्रतिबद्धता जतायी। ऐसे संकेत थे कि भारत नेपाल में अपना प्रभाव खो रहा है और यह आम चुनाव में वाम गठबंधन की जीत से और अधिक प्रत्यक्ष हुआ जिसके बाद ओली ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
2016 में ओली ने नेपाल के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने को लेकर सार्वजनिक रूप से नयी दिल्ली की आलोचना की थी और उस पर अपनी सरकार को सत्ता से हटाने का आरोप लगाया था। गोखले ने कहा कि मोदी ने ओली से कहा कि भारत नेपाल का विश्वसनीय साझेदार बना रहेगा और वह काठमांडो के साथ अपने संबंध प्रगाढ बनाने को लेकर प्रतिबद्ध है।
एक संयुक्त बयान के अनुसार भारत और नेपाल के प्रधानमंत्रियों ने भारत के वित्तीय सहयोग से भारत के रक्सौल को काठमांडो से जोड़ने के लिए एक नयी विद्युतीकृत रेल लाइन के निर्माण पर सहमति जतायी। दोनों पक्षों ने व्यापार एवं पारगमन व्यवस्थाओं के ढांचे के तहत नेपाल को समुद्र तक अतिरिक्त पहुंच मुहैया कराने के लिए कार्गो की आवाजाही के लिए ‘इंलैंड वाटरवेज’ विकसित करने का निर्णय किया।
दिलचस्प बात यह रही कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद किसी भी द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए गए। नेपाली प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने नेपाल का व्यापार घाटा खतरनाक स्तर पर पहुंचने को लेकर नेपाल की चिंता मोदी से साझा की और नेपाल का निर्यात बढ़ाने के लिए उपाय करने की जरूरत पर बल दिया। मोदी ने नेपाल को सभी संभव मदद का भरोसा देते हुए कहा कि ‘‘समृद्ध नेपाल और विकसित नेपाल’’ की नेपाली प्रधानमंत्री की दृष्टि उनकी ‘‘सबका साथ सबका विकास’’ की दृष्टि से मिलती है। ओली ने मोदी के साथ दो वर्ष पहले हुई अपनी मुलाकात को याद करते हुए कहा कि नेपाल ने कई तरह से व्यापक बदलाव हासिल किए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हाल के चुनावों के बाद राजनीतिक स्थिरता के चरण में पहुंचने के बाद नेपाल ने अब ‘‘समृद्ध नेपाल : खुशी नेपाली’’ ध्येय वाक्य के साथ सामाजिक...आर्थिक विकास की यात्रा पर चलना शुरू किया है।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल में सफल राष्ट्रीय और प्रांतीय चुनावों की भी सराहना की और लोकतंत्र में भरोसा जताने के लिए इसके लोगों की भी प्रशंसा की। मोदी ने कहा कि भारत नेपाल की उसकी प्राथमिकताओं के अनुरूप सहायता करना जारी रखेगा तथा दोनों पक्ष सभी सम्पर्क परियोजनाओं में तेजी लाने पर सहमत हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष रक्षा एवं प्रतिरक्षा संबंधों को मजबूत करेंगे। ओली ने मोदी को नेपाल की यात्रा के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने प्रधानमंत्री मोदी को जल्द से जल्द सुविधाजनक समय पर नेपाल की यात्रा करने के लिए आमंत्रित किया। मुझे उम्मीद है कि यात्रा जल्द होगी।’’
गोखले ने कहा कि मोदी के इस वर्ष काठमांडो की यात्रा करने की उम्मीद है। मोदी ने कहा कि नेपाल के विकास में भारत के योगदान का लंबा इतिहास है और यह कि उन्होंने ओली को आश्वासन दिया है कि यह जारी रहेगा। नेपाली प्रधानमंत्री ओली ने कहा कि उनके देश को मित्रों से मदद की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा, ‘‘पड़ोसियों के बीच संबंध अन्य संबंधों से अलग हैं। यह पारस्परिक सम्मान पर आधारित है।’’