पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अपना चुनावी वादा पूरा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जानबूझकर रणनीतिक चुप्पी साध रखी है जो कि उनके अप्रमाणित तथ्यों का इस्तेमाल कर की जाने वाली बेजोड़ नाटकीयता एवं बयानबाजी के पूरी तरह उलट है।
नीतीश ने आज बिहार में हो रही मोदी की रैलियों से पहले ट्विटर पर लिखा, मोदीजी का हमेशा से नाटकीयता एवं बयानबाजी और अप्रमाणित तथ्यों का इस्तेमाल करने में कोई जोड़ नहीं रहा है। अब रणनीतिक चुप्पी उनका नया हथियार है। उन्होंने मोदी के बयानबाजी के कौशल की तरफ इशारा करते हुए कहा, वही कहानी चल रही है, इसलिए बिहार में फिर से उसी प्रस्तुति के लिए खुद को तैयार कर लें।
नीतीश कुमार ने मोदी के विदेश से कालाधन वापस लाने, किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, युवाओं के लिए रोजगार, बिहार के लिए विशेष दर्जा समेत अन्य वादों पर चुप्पी साधने पर सवाल उठाते हुए उनपर पिछले साल आम चुनाव के दौरान किए गए वादों को आसानी से भूलने का आरोप लगाया।
नीतीश ने कहा, उन्होंने जो वादे किए उनकी बात नहीं करते और वह काला धन, किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, युवा रोजगार, बिहार के लिए विशेष दर्जा जैसे वादों को आसानी से भूल गए, यह सूची और भी लंबी है।
साथ ही उन्होंने हरियाणा में दो दलित बच्चों की हत्या और उत्तर प्रदेश के दादरी में एक व्यक्ति की पीट पीटकर की गयी हत्या के मुद्दों पर चुप्पी बनाए रखने और दाल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी मोदी पर निशाना साधा और कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि जो व्यक्ति हर चीज पर बात करने या ट्वीट करने का कोई भी मौका नहीं गंवाता, उसने इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर अब तक नहीं बोला है।
नीतीश ने कहा, यह हैरान करने वाला है कि मोदीजी जैसा व्यक्ति जो किसी भी चीज पर तुरंत बोलने का या ट्वीट करने का कोई भी मौका नहीं गंवाता, वह देश की सामूहिक चेतना को झकझोरने वाले या आम जनता को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर एक शब्द नहीं बोलता।