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पंजाब में BSF के अधिकार क्षेत्र को लेकर बढ़ता जा रहा सियासी तनाव, बुलाया जाएगा विधानसभा सत्र

 Published : Oct 25, 2021 04:39 pm IST,  Updated : Oct 25, 2021 04:39 pm IST

बता दें कि पंजाब में सीमा सुरक्षा बल को अंतरराष्ट्रीय सीमा से मौजूदा 15 किलोमीटर की जगह 50 किलोमीटर के बड़े क्षेत्र में तलाशी लेने, जब्ती करने और गिरफ्तार करने का अधिकार दिए जाने के केंद्र सरकार के फैसले का कांग्रेस नीत पंजाब सरकार लगातार विरोध कर रही है। 

Punjab: Political tension growing over jurisdiction of BSF, Channi to convene assembly session- India TV Hindi
पंजाब में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने को लेकर सियासी तनाव बढ़ता जा रहा है। Image Source : PTI

चंडीगढ़: पंजाब में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने को लेकर सियासी तनाव बढ़ता जा रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने आज इस पर सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि बीएसएफ के मुद्दे पर विधानसभा का सेशन बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब प्रदेश के लिए जो भी कदम उठाना होगा वह सभी राजनीतिक पार्टियां उठाएंगी और केंद्र पर प्रेशर बनाया जाएगा कि इस आदेश को वापस ले।

बैठक में शामिल नवजोत सिंह सिद्धू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संवैधानिक ढांचे को कमजोर कर रही है। सिद्धू ने कहा कि यह पॉलिटिकल गेम है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले ही केंद्र सरकार ने यह क्यों कदम उठाया? सिद्धूने कहा, "पूरे पंजाब को जयचंदो ने गिरवी रख दिया। कौन है जयचंद सारी दुनिया जानती है। राज्य के अंदर एक और राज्य बनाने की कोशिश की जा रही है।"

बता दें कि पंजाब में सीमा सुरक्षा बल को अंतरराष्ट्रीय सीमा से मौजूदा 15 किलोमीटर की जगह 50 किलोमीटर के बड़े क्षेत्र में तलाशी लेने, जब्ती करने और गिरफ्तार करने का अधिकार दिए जाने के केंद्र सरकार के फैसले का कांग्रेस नीत पंजाब सरकार लगातार विरोध कर रही है। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार के इस फैसले को राज्यों के अधिकार में अतिक्रमण बताया है। साथ ही इस फैसले को एकतरफा और अलोकतांत्रिक करार दिया है।

आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा है। केंद्र सरकार की विरोधी पार्टियां इस फैसले को पंजाबियों के हित के खिलाफ साबित करने में लगी हैं। कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में पारित प्रस्ताव में विभिन्न पक्षों और दलों के साथ मिलकर सरकार को इस अधिसूचना को वापस लेने के लिए विवश करने की बात कही गई है।

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