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बुझ सकती है राजद की लालटेन, चुनाव आयोग का नोटिस, 20 दिनों में मांगा जवाब

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Apr 17, 2018 11:12 am IST,  Updated : Apr 17, 2018 11:12 am IST

निर्वाचन आयोग ने इस नोटिस को सार्वजनिक किया है। आयोग ने कहा, "निर्वाचन आयोग एतदद्वारा आपको कारण बताओ नोटिस देता है कि आयोग के वैध निर्देशों व अनुदेशों के अनुपालन में विफल रहने के लिए चुनाव चिन्ह (आरक्षण व आवंटन) आदेश के अनुच्छेद 16ए के तहत क्यों नहीं आपकी पार्टी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।" सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को हर साल अक्टूबर के अंत तक पिछले वित्त वर्ष की सालाना ऑडिट रपट आयोग के पास दाखिल करनी होती है।

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बुझ सकती है राजद की लालटेन, चुनाव आयोग का नोटिस, 20 दिनों में मांगा जवाब

नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को वित्त वर्ष 2014-15 की सालाना ऑडिट रपट दाखिल करने से विफल रहने पर कारण बताओं नोटिस भेजा है। आयोग ने कहा है कि बार-बार याद दिलाने के बावजूद निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए क्यों नहीं पार्टी की मान्यता रद्द कर देनी चाहिए। राजद के अध्यक्ष व कोषाध्यक्ष के नाम से भेजे गए नोटिस में आयोग ने कहा है, "पार्टी ने वित्त वर्ष 2014-15 की ऑडिट रपट अब तक नहीं दाखिल की है, जबकि रपट दाखिल करने की निर्धारित तिथि 31 अक्टूबर, 2015 को ही बीत चुकी है।"

निर्वाचन आयोग ने इस नोटिस को सार्वजनिक किया है। आयोग ने कहा, "निर्वाचन आयोग एतदद्वारा आपको कारण बताओ नोटिस देता है कि आयोग के वैध निर्देशों व अनुदेशों के अनुपालन में विफल रहने के लिए चुनाव चिन्ह (आरक्षण व आवंटन) आदेश के अनुच्छेद 16ए के तहत क्यों नहीं आपकी पार्टी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।" सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को हर साल अक्टूबर के अंत तक पिछले वित्त वर्ष की सालाना ऑडिट रपट आयोग के पास दाखिल करनी होती है।

बता दें कि हर वित्तीय वर्ष के आयकर रिटर्न की जानकारी उस साल 31 अक्टूबर तक देनी होती है। इस हिसाब से आरजेडी को 31 अक्टूबर 2015 तक इंकम टैक्स रिटर्न की जानकारी दे देनी चाहिये थी लेकिन अब तक नहीं दी गई है। वैसे कांग्रेस बीजेपी जैसी पार्टियां भी आयकर रिटर्न भरने में कुछ महीनों की देरी करती हैं जिसे लेकर चुनाव सुधार से जुड़े कार्यकर्ता सवाल उठाते रहे हैं।

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