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देश को बचाने के लिए सभी विपक्षी दलों को साथ आना चाहिए: एन चंद्रबाबू नायडू

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 08, 2018 10:36 pm IST,  Updated : Nov 08, 2018 10:39 pm IST

एन चंद्रबाबू नायडू ने कुछ दिन पहले राहुल गांधी समेत कई क्षेत्रीय दलों के प्रमुखों से मुलाकात के बाद गुरूवार को पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी से मुलाकात की और कहा कि सभी विपक्षी दलों को देश और संस्थाओं को बचाने के लिए साथ में आना पड़ेगा।

Uniting opposition to save democracy, says Chandrababu Naidu post meeting with Deve Gowda, Kumaraswa- India TV Hindi
Uniting opposition to save democracy, says Chandrababu Naidu post meeting with Deve Gowda, Kumaraswamy

बेंगलुरु: तेलुगूदेशम पार्टी अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कुछ दिन पहले राहुल गांधी समेत कई क्षेत्रीय दलों के प्रमुखों से मुलाकात के बाद गुरूवार को पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी से मुलाकात की और कहा कि सभी विपक्षी दलों को देश और संस्थाओं को बचाने के लिए साथ में आना पड़ेगा। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा विरोधी मोर्चा बनाने के लिए प्रयासरत नायडू ने आरोप लगाया कि सीबीआई और आरबीआई समेत सभी संस्थाओं को भाजपा नीत राजग सरकार ने नुकसान पहुंचाया है।

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देवगौड़ा और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी से मुलाकात के बाद नायडू ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस महान राष्ट्र को और लोकतंत्र तथा संविधान को बचाने के लिए हाथ मिलाना हमारी जिम्मेदारी है।’’ नायडू ने संकेत दिया कि केंद्र में सरकार बनाने के लिए एक प्रयोग इस तरह का भी हो सकता है जिस तरह से 1996 में कांग्रेस के बाहरी समर्थन से देवगौड़ा के नेतृत्व में सरकारबनी थी। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला हम करेंगे। हम सब हाथ मिलाएंगे। हमारा पहला मकसद लोकतंत्र को बचाना और राष्ट्र बचाना है। मेरा कहना है कि कांग्रेस मुख्य और प्रमुख पार्टी है। आप देवगौड़ा के प्रधानमंत्री काल के प्रयोग को ही देख लीजिए।’’ उस समय तीसरा मोर्चा सत्ता में आया था।

नायडू ने कहा, ‘‘तब हमने कांग्रेस से बाहर से समर्थन लिया था। यह केवल एक प्रयोग है।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या वह सरकार बनाने के 1996 के मॉडल का जिक्र कर रहे हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं देश और आम-सहमति में दिलचस्पी रखता हूं। सब साथ में आएंगे। अभी कोई संगठन नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कुछ पहल की है और मैं सभी से मिल रहा हूं। उसके बाद हम मिलकर तय करेंगे कि आगे कैसे बढ़ा जाए।’’ 

इसी तरह के विचार रखते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार पर तो बातचीत बाद में हो सकती है, लेकिन इस समय पूरा ध्यान विपक्ष को एकजुट करने और लोकतंत्र बचाने पर है। उन्होंने कहा कि दिसंबर या जनवरी में एक बड़ी किसान रैली होगी। कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘मेरी दिसंबर के अंत तक या जनवरी में रैली करने की योजना है। भाजपा को छोड़कर सभी क्षेत्रीय नेताओं को बुलाया जाएगा।’’ भाजपा नीत राजग सरकार की आलोचना करते हुए देवगौड़ा ने आरोप लगाया कि राजग ने देश में अनेक संस्थाओं को तबाह कर समस्याएं पैदा कर दी हैं। नायडू ने पिछले सप्ताह राहुल गांधी समेत कई विपक्षी दलों के प्रमुखों से मुलाकात की थी। उन्होंने कांग्रेस के साथ अपनी पार्टी के गठबंधन को देश को बचाने की ‘लोकतांत्रिक बाध्यता’ करार दिया था।

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वह विपक्ष पर नियंत्रण के लिए सीबीआई और आयकर विभाग का इस्तेमाल कर रही है। नेताओं के उत्पीड़न के लिए छापे मारे जा रहे हैं। कर्नाटक और तमिलनाडु में भी यह सब देखने को मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और बिहार के अलावा गुजरात में भी ऐसे छापे मारे गये। नायडू ने कहा, ‘‘संस्थाओं को नुकसान पहुंचने के अलावा, भारतीय अर्थव्यवस्था भी डंवाडोल है क्योंकि नोटबंदी का अच्छा असर नहीं पड़ा।’’ नायडू नीत तेदेपा ने इस साल मार्च में भाजपा नीत राजग से नाता तोड़ लिया था।  

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