मुंबई: कांग्रेस छोड़कर शिवसेना में शामिल हुए मिलिंद देवड़ा ने बड़ा बयान दिया है। देवड़ा ने कहा कि आज मेरा कांग्रेस से 55 साल का रिश्ता खत्म हो रहा है। आज मेरे लिए भावनात्मक दिन है। मैंने कभी नहीं सोचा था की मैं कांग्रेस से अलग हो जाऊंगा। लेकिन आज यह हो गया। उन्होंने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे की शिवसेना और कांग्रेस पार्टी ने योग्यता को अवसर दिया होता तो आज हम दोनों यहां नहीं होते। उन्होंने कहा कि हमने जो कुछ भी किया, उसके लिए हमें मजबूर किया गया।
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'मुझे एकनाथ शिंदे के हाथों को मजबूत करना है'
मिलिंद देवड़ा ने कहा कि आज मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे हर एक लिए उपलब्ध हैं और मुझे उनके हाथों को मजबूत करना है। मुझे शिवसेना के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मजबूत करना है। देवड़ा ने कहा कि मैं कांग्रेस के सबसे मुश्किल दिनों में उनके साथ रहा हूं। लेकिन आज नहीं हूं तो इसके पीछे वजह भी कांग्रेस पार्टी ही है। देवड़ा ने कहा कि 1967 में जो कांग्रेस मेरे पिता के समय थी, साल 2004 के समय थी और आज की कांग्रेस में जमीन आसमान का फर्क है।
'मैं महाराष्ट्र और देश के सुनहरे भविष्य के लिए काम करूंगा'
उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि मुंबई में एक भी हमला नहीं हुआ है। वहीं इससे पहले आये दिन हमारे शहर में आतंकी हमले होते रहते थे। उन्होंने कहा कि मैं सभी शिवसैनिकों को भरोसा दिलाता हूं कि आपके साथ मिलकर काम करूंगा। मैं महाराष्ट्र और देश के सुनहरे भविष्य के लिए काम करूंगा।
एकनाथ शिंदे ने किया देवड़ा का स्वागत
वहीं मिलिंद देवड़ा को शिवसेना की सदस्यता दिलाने के बाद एकनाथ शिंदे ने कहा कि कुछ ऑपरेशन ऐसे होते हैं कि सुई भी नही चुभनी चाहिए और काम भी हो जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं डॉक्टर नहीं हूं लेकिन बड़े ही भरोसे के साथ कहता हूं कि ऑपरेशन हो गया और एक टांका भी नहीं लगाना पड़ा। उन्होंने कहा कि बालासाहब ठाकरे और मुरली देवड़ा के विचार एक समान थे। दोनों ही नेता महाराष्ट्र के सुनहरे भविष्य के लिए काम करते थे और आज मुझे ख़ुशी हो रही है कि उनके विचारों को मनाने वाले दो लोग एक साथ आ गए हैं।