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वन नेशन, वन इलेक्शन बिल पर जेपीसी का गठन, प्रियंका गांधी-बांसुरी स्वराज-सुप्रिया सुले समेत ये सांसद होंगे सदस्य

Written By: Mangal Yadav @MangalyYadav Published : Dec 19, 2024 08:33 am IST, Updated : Dec 19, 2024 08:39 am IST

वन नेशन, वन इलेक्शन बिल को लेकर जेपीसी का गठन कर दिया गया है। जेपीसी की अध्यक्षता बीजेपी सांसद को मिली है। प्रियंका गांधी, सुप्रिया सुले समेत कई सांसदों को इसका सदस्य बनाया गया है।

वन नेशन, वन इलेक्शन बिल पर जेपीसी का गठन- India TV Hindi
Image Source : ANI वन नेशन, वन इलेक्शन बिल पर जेपीसी का गठन

नई दिल्लीः वन नेशन, वन इलेक्शन (एक राष्ट्र, एक चुनाव) विधेयक को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन हो गया है। बीजेपी सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता में 31 सदस्यीय ज्वाइंट पार्लियामेंट कमेटी का गठन किया गया है। लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 10 सांसद मेंबर जेपीसी के सदस्य होंगे। लोकसभा के जिन सांसदों को जेपीसी का सदस्य बनाया गया है उनमें प्रियंका गांधी, बांसुरी स्वराज, मनीष तिवारी, कल्याण बनर्जी शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस से प्रियंका गांधी वाड्रा और मनीष तिवारी, एनसीपी से सुप्रिया सुले, टीएमसी के कल्याण बनर्जी और भाजपा के पीपी चौधरी, बांसुरी स्वराज और अनुराग सिंह ठाकुर जेपीसी में शामिल किए गए हैं।  

जेपीसी में ये सांसद होंगे शामिल

लोकसभा के सदस्यों में भाजपा के पीपी चौधरी, सी.एम. रमेश, बांसुरी स्वराज, पुरषोत्तम भाई रूपाला, अनुराग सिंह ठाकुर, विष्णु दयाल राम, भर्तृहरि महताब, संबित पात्रा, अनिल बलूनी, विष्णु दत्त शर्मा, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, मनीष तिवारी और सुखदेव भगत शामिल हैं। समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, टीएमसी के कल्याण बनर्जी, एनसीपी (शरद गुट) सुप्रिया सुले, डीएमके के टीएम सेल्वगणपति, टीडीपी के जीएम हरीश बालयोगी, शिवसेना (शिंदे गुट) के श्रीकांत एकनाथ शिंदे, राष्ट्रीय लोक दल के चंदन चौहान और जनसेना पार्टी के बालाशोवरी वल्लभनेनी को जेपीसी में शामिल किया गया है। 31 सदस्यीय पैनल में राज्यसभा से 10 सदस्य होंगे।

विपक्ष कर रहा है इसका विरोध

बता दें कि मंगलवार को 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' संसद में पेश किया गया था। जिसका विपक्षी सांसदों ने विरोध किया। विपक्षी सदस्यों का तर्क है कि प्रस्तावित परिवर्तन से सत्तारूढ़ दल को असंगत रूप से लाभ हो सकता है, जिससे राज्यों में चुनावी प्रक्रिया पर उसका अनुचित प्रभाव पड़ सकता है और क्षेत्रीय दलों की स्वायत्तता कमजोर हो सकती है। 

पिछले सप्ताह कैबिनेट द्वारा अनुमोदित इन विधेयकों का उद्देश्य पूरे देश में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने की सुविधा प्रदान करना है। बिल पेश करने के दौरान 269 सदस्यों ने इसके पक्ष में वोट किया, जबकि 196 सदस्यों ने इसके विरोध में वोट किया थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' विधेयक को मंजूरी के लिए कैबिनेट में रखा गया, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर देकर कहा कि इसे विस्तृत चर्चा के लिए जेपीसी के पास भेजा जाए।

इनपुट-एएनआई 

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