नई दिल्ली: सहारनपुर से कांग्रेस के लोकसभा सांसद ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश होने से पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब कोई उम्मीद नहीं बची है। मुसलमानों पर इससे बड़ा कोई जुल्म नहीं। अब मुसलमानों की जमीन छीनने का काम होगा। उनकी संपत्तियों पर बुलडोजर चलेगा।
इमरान मसूद का कहना है कि वक्फ संशोधन विधेयक का क्लॉज 2A और 3 (vii) (e) खतरनाक है। क्योंकि यूपी में वक्फ की संपत्ति को जबरन सरकारी घोषित कर दिया गया है. इससे विवाद और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार जिस क्लॉज को समाधान बता रही है वही सबसे ज्यादा खतरनाक है।
खतरनाक क्लॉज-मसूद
इमरान मसूद ने कहा कि क्लॉज 3 सब क्लॉज (vii) e खतरनाक है, क्योंकि इस क्लॉज में कहा गया है की जिस प्रॉपर्टी पर कोई विवाद ना हो और वह सरकारी संपत्ति ना हो वह वक्फ की ही रहेगी, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने वहां के लगभग साढे़ 14000 हेक्टेयर जमीन जो वक्फ के नाम रजिस्टर्ड थी उसमें से साढ़े 11 हज़ार हेक्टेयर जमीन सरकारी संपत्ति घोषित कर दी है। उन्होंने बताया कि इसका मतलब है कि इस क्लॉज के मुताबिक या नए बनने वाले कानून के मुताबिक अब यह सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज होगी वक्फ की नहीं होगी इसी पर ऐतराज जताया है।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अध्यक्ष की अपील
उधर, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने सभी धर्मनिरपेक्ष दलों और सांसदों से अपील की कि वे संसद में विधेयक पेश होने पर न केवल इसका कड़ा विरोध करें, बल्कि ‘भाजपा के सांप्रदायिक एजेंडे को रोकने’ के लिए इसके खिलाफ वोट भी करें। उन्होंने एक बयान में कहा कि यह विधेयक न केवल भेदभाव और अन्याय पर आधारित है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 14, 25 और 26 के तहत मौलिक अधिकारों के प्रावधानों के भी खिलाफ है। रहमानी ने आरोप लगाया कि विधेयक के जरिए भाजपा का लक्ष्य वक्फ कानूनों को कमजोर करना और वक्फ संपत्तियों को जब्त करने और नष्ट करने का रास्ता तैयार करना है।