प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान की ओर से दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तारीख तय की। खान ने 13 जुलाई से 20 जुलाई के बीच अपने खिलाफ दर्ज कराई गई विभिन्न एफआईआर रद्द करने के लिए यह याचिका दायर की है।
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न्यायमूर्ति प्रितिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति राजबीर सिंह की पीठ ने आजम खान के वकील आर के जैन के अनुरोध पर 29 अगस्त की तारीख तय की। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि रामपुर के जिला प्रशासन के इशारे पर आजम खान के खिलाफ 13 जुलाई से 20 जुलाई के बीच 26 एफआईआर और 3 अगस्त को एक एफआईआर दर्ज कराई गई है।
उल्लेखनीय है कि आजम खान के खिलाफ उक्त एफआईआर विभिन्न किसानों ने रामपुर जिले के अजीम नगर पुलिस थाने में दर्ज कराई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए उनकी इच्छा के खिलाफ बलपूर्वक उनकी जमीन ले ली गई। वहीं दूसरी ओर, याचिका में आरोप लगाया गया है कि आजम खान के खिलाफ रामपुर जिला प्रशासन के इशारे पर झूठी प्राथमीकि दर्ज कराई गई है जिसकी वजह राजनीतिक दुश्मनी है।
किसानों की ओर से उनके वकील विजय गौतम ने यह कहते हुए आपत्ति उठाई कि विभिन्न व्यक्तियों द्वारा दर्ज कराई गई 27 प्राथमिकियों को चुनौती देने के लिए एक एकल याचिका विचार योग्य नहीं है।