जम्मू-कश्मीर भाजपा ने रविवार को अपने विधायकों की एक बैठक आयोजित की। इस बैठक में जम्मू-कश्मीर की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, विकास संबंधी चिंताओं और जन-प्रभावित मुद्दों पर चर्चा की गई। पार्टी के प्रवक्ता ने बताया कि बैठक की अध्यक्षता जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सत शर्मा ने भाजपा के महासचिव (संगठन) अशोक कौल के साथ पार्टी के कार्यालय में की। इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और विधायक नरिंदर सिंह, पार्टी के महासचिव संजीता डोगरा, बलदेव सिंह बिल्लवारिया और गोपाल महाजन सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
क्षेत्र की समस्याओं पर हुई चर्चा
पार्टी प्रवक्ता ने बताया कि बैठक के दौरान भाजपा विधायकों ने जमीनी स्तर पर जन-प्रभावित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इसके अलावा नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार द्वारा जन शिकायतों की लगातार उपेक्षा पर चिंता भी व्यक्त की। प्रवक्ता ने बताया कि विधायकों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याओं और विकास संबंधी आवश्यकताओं पर भी प्रकाश डाला। इसके साथ ही प्रशासन द्वारा समय पर हस्तक्षेप की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।
नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार पर साधा निशाना
उन्होंने बताया कि सभा को संबोधित करते हुए सत शर्मा ने कहा कि भाजपा जम्मू और कश्मीर के लोगों के हितों की रक्षा करने और सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के तहत जम्मू के लोग लगातार उपेक्षित महसूस कर रहे हैं, जबकि बुनियादी ढांचे, नागरिक सुविधाओं, सड़कों, बिजली आपूर्ति, पानी की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं।
किसी भी भेदभाव का विरोध
सत शर्मा ने कहा, “भाजपा विकास, संसाधन आवंटन या शासन के मामलों में जम्मू क्षेत्र के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव का कड़ा विरोध करेगी।” उन्होंने कहा कि जम्मू के लोगों की आकांक्षाओं और अधिकारों से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा विधायक जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह जनता की सशक्त आवाज बने रहेंगे और जन कल्याण से जुड़े हर मुद्दे को मजबूती से उठाएंगे।
पीएम मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर कार्यक्रम
इस दौरान पीएम मोदी के नेतृत्व में 'विश्वास, विकास और जन कल्याण' के 12 वर्ष पूरे होने पर चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान पर भी चर्चा की गई। इसके तहत 5 से 21 जून तक आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों में विशेष जनसंपर्क अभियान, वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छ भारत अभियान की गतिविधियां, प्रगति पथ यात्रा, विकसित भारत संपर्क सम्मेलन, जन कल्याण शिविर, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, मोदी सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनियां, प्राकृतिक खेती पर कार्यशालाएं और कई अन्य जन भागीदारी गतिविधियां शामिल हैं।
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