उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में गुरेज क्षेत्र की तुलैल घाटी में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। घाटी के तारतेई किलो गांव में अचानक हुई इस घटना के बाद इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए।
बादल फटने के बाद अचानक मलबे के तेज बहाव और लगातार बढ़ते पानी के स्तर ने गांव में विकराल रूप ले लिया। इस सैलाब की चपेट में आने से दर्जनों रिहाइशी मकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, क्षेत्र की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि भी पूरी तरह पानी में डूब गई है, जिससे फसलों को भारी नुकसान की आशंका है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
स्थानीय लोगों में फैला खौफ
अचानक आई इस आपदा के बाद गांव में घंटों तक अफरा-तफरी और डर का माहौल बना रहा। अपने और अपने परिवार की जान बचाने के लिए स्थानीय निवासी आनन-फानन में अपने घरों को छोड़कर बच्चों और मवेशियों के साथ सुरक्षित और ऊंचाई वाले इलाकों की ओर भागने लगे।
मौसम विभाग ने 17 और 18 जून को जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में तेज बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण कश्मीर और त्राल क्षेत्र के अलावा कुपवाड़ा, बारामुला, बांदीपोरा, गांदरबल, बडगाम में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।
अमरनाथ यात्रा मार्ग पर नजर
मौसम विभाग ने खासतौर से सोनमर्ग-बालटाल- पवित्र गुफा मार्ग और पहलगाम- पवित्र गुफा मार्ग पर मौसम बिगड़ने की आशंका जताई है। इन मार्गों पर तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 18 से 22 जून के दौरान भी मौसम में अस्थिरता बनी रहेगी। इस दौरान बीच-बीच में हल्की बारिश, गरज-चमक, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने का सिलसिला जारी रहेगा। खराब मौसम, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान की आशंका को देखते हुए विभाग ने आम जनता और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने, बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों या खुले मैदानों में न जाने और यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
ये भी पढ़ें-