उरी: भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात को पाकिस्तान और पीओके में ऑपरेशन सिंदूर चलाया। इस ऑपरेसन में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया। इस दौरान कई आतंकी भी मारे गए। इस घटना के बाद से लगातार पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जा रहा है। पाकिस्तान एलओसी से लगातार आम नागरिकों को निशाना बनाकर फायरिंग कर रहे हैं। इसके अलावा गोलाबारी करने के कारण भारतीय इलाकों में आग का खतरा भी बना हुआ है। ऐस में आग के खतरे को कम करने के लिए उरी में दमकल गाड़ियों को बुलाया गया है।
सीजफायर का उल्लंघन कर रहा पाकिस्तान
दरअसल, भारतीय सेना ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर के जरिए लिया। इस ऑपरेशन में 9 आतंकी ठिकानों पर सेना ने एयर स्ट्राइक की। वहीं एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसे में उरी इलाके में फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों को तैनात किया गया है। फायर एंड इमरजेंसी ऑफिसर शबीर उल हसन ने कहा, "हमने श्रीनगर, बारामुल्ला, सोपोर, पट्टन से एक-एक वाहन बुलाया है। हमने क्षेत्र में भारी गोलाबारी के कारण यहां पांच वाहनों को अलर्ट पर रखा है। हमारे पास एक फोम टेंडर, पांच वाटर टेंडर और पांच दमकल गाड़ियां हैं।"
13 नागरिकों को मौत
7 और 8 मई को रात के समय पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के अपनी चौकियों से जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामुल्ला, उरी और अखनूर क्षेत्रों में नियंत्रण रेखा के पार छोटे हथियारों और तोपों का इस्तेमाल कर के फायरिंग की है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान की इस हरकत का उचित जवाब दिया है। बता दें कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद ये लगातार 13वां दिन है जब पाकिस्तान ने बिना किसी उकसावे के LoC पर फायरिंग की है। पाकिस्तान की गोलीबारी में एक सैनिक सहित कम से कम 13 नागरिकों की जान चली गई है। वहीं 59 आम नागरिक घायल हो गए हैं।
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