उधमपुर: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में शनिवार सुबह लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कौघा के पास बड़ा भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा सड़क पर गिरने से रामनगर-उधमपुर मार्ग पूरी तरह बंद हो गया, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। सड़क से मलबा और बड़े पत्थर हटाने के लिए मशीनें लगाई गईं, ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके।
'सुबह 7 बजे मिली थी सड़क बंद होने की सूचना'
रामनगर के स्थानीय निवासी और सड़क ठेकेदार पुष्पिंदर सिंह ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे सड़क बंद होने की सूचना मिली थी। उन्होंने कहा, 'हमें सुबह करीब 7 बजे संदेश मिला कि सड़क बंद हो गई है। इसके बाद हमने तुरंत मशीनों की व्यवस्था की। हमारा प्रयास है कि एक घंटे के भीतर मलबा हटाकर सड़क को फिर से वाहनों के लिए खोल दिया जाए, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।'
लोगों से की गई सावधानी बरतने की अपील
इस बीच, गंडोह के उपमंडल मजिस्ट्रेट (SDM) अरुण कुमार बड्याल ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है। इसलिए लोग भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें और बिना जरूरी कारण यात्रा करने से बचें। प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि क्षेत्र में लगातार बारिश जारी है।
जुलाई में सामान्य से कम बारिश का अनुमान
इस बीच, IMD ने मंगलवार को जारी अपने पूर्वानुमान में कहा है कि जुलाई 2026 में देशभर में औसत वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है। IMD के अनुसार, 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर जुलाई महीने में देशभर में औसत वर्षा 280.4 मिलीमीटर मानी जाती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर भारत, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है।
एल नीनो और हिंद महासागर की स्थिति
IMD के मुताबिक, इस समय भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में कमजोर एल नीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) की स्थिति बनी हुई है, जबकि हिंद महासागर द्विध्रुव (Indian Ocean Dipole-IOD) फिलहाल तटस्थ अवस्था में है। मॉडल आधारित पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान भी IOD के तटस्थ बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 13 अप्रैल को 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) का पहला मौसमी पूर्वानुमान जारी किया था, जिसे 29 मई को अपडेट किया गया।
जून में 1901 के बाद पांचवीं सबसे कम बारिश
IMD के मुताबिक, जून 2026 में देश में केवल 99.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा 165.3 मिलीमीटर होती है। यानी इस बार जून में 39.8 प्रतिशत कम बारिश हुई। यह 1901 के बाद जून महीने की पांचवीं सबसे कम वर्षा है। देश के 36 मौसम उप-विभागों में से 24 (65 प्रतिशत) में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई, जबकि 3 उप-विभागों (10 प्रतिशत) में अत्यधिक कम वर्षा हुई। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान के कुछ हिस्सों और पूरे जम्मू-कश्मीर तक आगे बढ़ जाएगा।
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