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'झारखंड की DGP का नाम तदाशा नहीं, हताशा मिश्रा' होना चाहिए, घर गिराने पर भड़कीं कांग्रेस नेता अंबा प्रसाद

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Mar 26, 2026 11:24 pm IST,  Updated : Mar 26, 2026 11:29 pm IST

कांग्रेस नेता अंबा प्रसाद ने डीजीपी तदाशा मिश्रा की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था खराब है और 112 नंबर पर फोन करने पर भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती।

कांग्रेस नेता अंबा प्रसाद और डीजीपी तदाशा मिश्रा- India TV Hindi
कांग्रेस नेता अंबा प्रसाद और डीजीपी तदाशा मिश्रा Image Source : REPORTER

रांचीः कांग्रेस नेता अंबा प्रसाद ने झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा पर निशाना साधा है। अंबा प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "पुलिस की मुखिया का पद अब भाड़े पर चल रहा है। रिटायरमेंट के बाद डीजीपी की नियुक्ति से जनता का पुलिस पर से विश्वास उठ गया है। अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, जबकि व्यवसायी पूरी तरह डरे हुए हैं।

घर गिरने के बाद से डीजीपी पर हमलावर

दरअसल, जब से कांग्रेस नेता और बड़कागांव की पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद का घर पुलिस के देखरेख में गिराया गया है, उसके बाद से ही अंबा प्रसाद ने झारखंड में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने डीजीपी तदाशा मिश्रा की सेवानिवृत्ति के बाद भी पद पर बने रहने को चिंता का विषय बताते हुए तंज कसा कि उनका नाम 'तदाशा' नहीं, बल्कि 'हताशा मिश्रा' होना चाहिए।

पुलिस हेल्पलाइन को लेकर कही ये बात

अंबा प्रसाद ने कहा की पहले हेल्पलाइन नंबर 100 था। सौ बार कॉल करने के बाद भी फोन नहीं उठता था। अब 112 कर दिया गया, लेकिन हालात जस के तस हैं। कांग्रेस नेता ने राज्य में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया। अंबा प्रसाद ने कहा, "सरकार के पास पुलिस का रिमोट तो है, लेकिन इसकी बैट्री अमित शाह के पास है। राज्य में भाजपा के लोगों की ज्यादा बातें सुनी जा रही हैं। उन्होंने इसे "स्पॉन्सर सरकार" करार दिया।

बता दें कि तदाशा मिश्रा (1994 बैच IPS अधिकारी) झारखंड की पहली महिला प्रभारी डीजीपी हैं। उनकी नियुक्ति और रिटायरमेंट (31 दिसंबर 2025) के बाद सेवा विस्तार को लेकर यूपीएससी ने आपत्ति जताई है। राज्य सरकार और केंद्र के बीच इस मुद्दे पर लंबे समय से विवाद चल रहा है।

रिपोर्ट- मुकेश सिन्हा

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