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झारखंडः आर्मी ने द्वितीय विश्व युद्ध के समय के दो बम को निष्क्रिय किया, सामने आया वीडियो

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Mar 25, 2026 09:54 pm IST,  Updated : Mar 25, 2026 10:02 pm IST

जमशेदपुर के सुदूरवर्ती बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपाड़ा नागुडसाई में स्वर्णरेखा नदी के किनारे करीब एक हफ्ता पूर्व मिले दो जिंदा बमों को बुधवार को सेना और राज्य BDS के संयुक्त प्रयास से सफलता पूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया।

सेना ने बम को निष्क्रिय किया- India TV Hindi
सेना ने बम को निष्क्रिय किया Image Source : REPORTER

जमशेदपुर: भारतीय सेना के जवानों ने बुधवार को संभवत: द्वितीय विश्व युद्ध के समय के दो बम को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने बताया कि धातु के बेलनाकार कंटेनर में भरे विस्फोटकों को एक के बाद एक 30 मिनट के अंतराल में निष्क्रिय कर दिया गया। पिछले सप्ताह बहरागोड़ा क्षेत्र में पानीपाड़ा-नागुदसाई मार्ग पर खुदाई के दौरान गैस सिलेंडर जैसा दिखने वाला 200 किलोग्राम का बम बरामद किया गया था।

24 घंटे तक इलाके में न जाने के निर्देश

उन्होंने बताया कि सोमवार को घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान एक ग्रामीण के घर में इसी तरह के आकार का दूसरा बम बरामद किया गया। सत्यार्थी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर लोगों को अगले 24 घंटों तक उस स्थान के आसपास न जाने की सलाह दी गई है। झारखंड पुलिस ने बम को निष्क्रिय करने के लिए पहले सेना से सहायता मांगी थी।  

इससे पहले सेना ने पूरे इलाके को कब्जे में ले लिया और आसपास के सटे गावों में अलर्ट जारी कर दिया। बता दें कि यह इलाका पश्चिम बंगाल से भी सटा है। इसलिए बंगाल पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया था। एक घंटे के अंतराल पर दोनों शक्तिशाली जिंदा बमों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया गया। इसके बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने भारतीय सेना और भारत माता की जय के नारे लगाए।

अमेरिका में बना था बम

इस पूरे अभियान का नेतृत्व कर रहे घाटशिला अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजीत कुमार कुजूर ने बताया की बेहद ही सावधानीपूर्वक इस पूरे ऑपरेशन को संपन्न किया गया। उन्होंने कहा कि चुनौतियां बेहद ही जटिल थी क्योंकि दोनों बम जिंदा थे और किसी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता था, मगर भारतीय सेना और राज्य बम स्क्वॉड की टीम ने सावधानी पूर्वक दोनों शक्तिशाली जिंदा बमों को निष्क्रिय कर दिया। उन्होंने आशंका जताई कि दोनों बम द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान लाने ले जाने के क्रम में उक्त स्थान पर गिर गया होगा। इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि दोनों बम पर मेड इन यूएसए लिखा हुआ था। इसलिए इसमें कोई शक नहीं है कि दोनों शक्तिशाली बम अमेरिका में निर्मित हुए थे।

रिपोर्ट- गंगाधर पांडे

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