1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. फैशन और सौंदर्य
  4. श्री कृष्ण जन्माष्टमी में इन मंत्रो के साथ के करे पूजा, होगी शुभ फल की प्राप्ति

श्री कृष्ण जन्माष्टमी में इन मंत्रो के साथ के करे पूजा, होगी शुभ फल की प्राप्ति

 Written By: Shivani Singh @lastshivani
 Published : Sep 05, 2015 07:38 am IST,  Updated : Sep 05, 2015 07:48 am IST

नई दिल्ली: आज पूरी दुनिया में श्री कृष्ण जन्माष्टमी बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है। भारत देश में तो इसको मनाने का एक अलग ही उत्साह और उल्लास है। जहां देखों कृष्ण के जयकारे

india TV

इसके बाद श्री हरि की पूजा इस मंत्र के साथ करनी चाहिए

"ऊं यज्ञाय यज्ञेराय यज्ञपतये यज्ञ सम्भवाय गोविंददाय नमों नम:"

इसके बाद श्री कृष्ण के पालने में विराजमान करा कर इस मंत्र के साथ सुलाना चाहिए-

"विश्राय विश्रेक्षाय विश्रपले विश्र सम्भावाय गोविंदाय नमों नम:"

जब आप श्री परि को शयन करा चुके हो इसके बाद एक पूजा का चौक और मंडप बनाए और श्रीकृष्ण के साथ रोहिणी और चंद्रमा की भी पूजा करें। उसके बाद शंख में चंदन युक्त जल लेकर अपने घुटनों के बल बैठकर चंद्रमा का अर्द्ध इस मंत्र के साथ करें।

श्री रोदार्णवसम्भुत अनिनेत्रसमुद्धव।

ग्रहाणार्ध्य शशाळेश रोहिणा सहिते मम्।।

इसका मतलब हुआ कि हे सागर से उत्पन्न देव हे अत्रिमुनि के नेत्र से समुभ्छुत हे चंद्र दे!  रोहिणी देवी के साथ मेरे द्वारा दि गए अर्द्ध को आप स्वीकार करें।

इसके बाद नंदननंतर वर्त को महा लक्ष्मी, वसुदेव,नंद, बलराम तथा यशोदा को फल के साथ अर्द्ध दे और प्रार्थना करें कि हे देव जो अनन्त, वामन. शौरि बैकुंठ नाथ पुरुषोत्म, वासुदेव, श्रृषिकेश, माघव, वराह, नरसिंह, दैत्यसूदन, गोविंद, नारायण, अच्युत, त्रिलोकेश, पीताम्बरधारी, नारा.ण चतुर्भुज, शंख चक्र गदाधर, वनमाता से विभूषित नाम लेकर कहे कि जिसे देवकी से बासुदेव ने उत्पन्न किया है जो संसार , ब्राह्मणो की रक्षा क् लिए अवतरित हुए है। उस ब्रह्मारूप भगवान श्री कृष्ण को मै नमन करती हूं।

इस तरह भगवान की पूजा के बाद घी-धूप से उनकी आरती करते हुए जयकारा लगाना चाहिए औऱ प्रसाद ग्रहण करनें का बाद ही जाना चाहिए।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Fashion and beauty tips से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल