आजकल कई लोगों के बाल कम उम्र में ही सफेद होने लगते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि बालों की सफेदी कम उम्र में क्यों होने लगती है और उन्हें हेल्दी कैसे रखा जाए? मशहूर सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने बालों की सेहत से जुड़ी अहम बातें बताई हैं। आइए जानते हैं बाल सफेद होने के कारण और बालों को स्वस्थ रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
बाल क्यों होते हैं सफ़ेद?
रुजुता दिवेकर कहती हैं कि बालों का सफेद होना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है लेकिन अगर आपके बाल समय से पहले सफ़ेद हो रहे यहीं तो इसके पीछे आपके जेनेटिक्स एक बड़ी वजह हो सकते हैं। इसके अलावा अगर आपके शरीर में मेलेनिन की कमी है तो इस वजह से भी बाल सफ़ेद होने लगते हैं। दरअसल इसकी कमी अक्सर तब होती है जब आप बहुत स्ट्रीक डाइट शुरू कर देते हैं तो इस वजह से शरीर में अक्सर ज़िंक, बी 12 और आयरन की कमी हो सकती है। नींद की कमी, धूम्रपान, शराब का सेवन आदि के कारण होने वाला ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस भी बालों को सफेद कर सकता है।
बालों को कैसे बनाएं हेल्दी?
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डाइट में शामिल करें कई प्रकार की दालें: रुजुता दिवेकर के मुताबिक, डाइट में अलग-अलग तरह की दालों को शामिल करना चाहिए। दालें प्रोटीन, आयरन और अन्य जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं, जो बालों की सेहत बनाए रखने में मदद करते हैं। इसलिए रोजाना एक ही दाल खाने के बजाय मूंग, मसूर, अरहर और उड़द जैसी अलग-अलग दालों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं।
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बालों में लगाएं तेल: बालों की देखभाल के लिए नियमित रूप से तेल लगाना भी फायदेमंद हो सकता है। सिर की हल्के हाथों से मालिश करने से आराम मिलता है और बालों को संभालना आसान हो सकता है। अपनी जरूरत और बालों के प्रकार के अनुसार नारियल या तिल के तेल का इस्तेमाल कर सकती हैं। हालांकि, तेल लगाने से बालों का सफेद होना रुकने की गारंटी नहीं है।
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केमिकल ट्रीटमेंट और हीट टूल्स का इस्तेमाल कम करें: बालों को हेल्दी बनाए रखने के लिए बार-बार केमिकल ट्रीटमेंट, स्ट्रेटनिंग, कर्लिंग और तेज गर्मी वाले हेयर स्टाइलिंग टूल्स का इस्तेमाल करने से बचें। इनसे बाल रूखे, कमजोर और टूटने वाले हो सकते हैं। बालों को सुखाने के लिए कम तापमान का इस्तेमाल करें। इससे बालों को नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती है।