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साबूदाना पेड़ पर उगता है या फैक्ट्री में बनता है, कैसे तैयार किया जाता है, ये जानकर दिमाग घूम जाएगा

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Mar 24, 2026 07:37 am IST,  Updated : Mar 24, 2026 07:37 am IST

Sabudana Kaise Banta Hai: व्रत में लोग साबूदाना से बनी खिचड़ी, खीर और पापड़ बड़े शौक से खाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि साबूदाना कैसे बनता है। क्या दूसरे चावलों की तरह ये पेड़ पर उगता है या फैक्ट्री में तैयार किया जाता है। इतना गोल और इतना सफेद साबूदाना कैसे बनता है। आइये जानते हैं।

साबूदाना कैसे बनता है- India TV Hindi
साबूदाना कैसे बनता है Image Source : INDIA TV

व्रत में साबूदाना का इस्तेमाल काफी किया जाता है। साबूदाना एक चिकना, गोल और सफेद रंग की छोटी बॉल्स जैसा दिखता है, जिससे उपवास में खाई जाने वाली कई डिश तैयार की जाती हैं। साबूदाना की खीर, साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना की टिक्की, साबूदाना वड़ा और साबूदाना का पापड़ लोगों को खूब पसंद आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि साबूदाना आखिर बनता कैसे है। क्या साबूदाना समा के चावल और नॉर्मल चावल की तरह पेड़ से उगता है या इसे फैक्ट्री में प्रोसेस करके तैयार किया जाता है। आखिर साबूदाना के इतने सफेद मोती जैसे दाने कैसे बन जाते हैं। आइये जानते हैं साबूदाना कैसे बनकर तैयार किया जाता है?

साबूदाना कैसे बनता है (How Sabudana is made)

पहला स्टेप-  साबूदाना को सागो पाम (Sago Palm) नाम के पेड़ के तने के गूदे से निकालकर तैयार किया जाता है। भारत में तमिलनाडु राज्य के सेलम शहर में टैपिओका रूट (Tapioca Root) का इस्तेमाल साबूदाना बनाने के लिए किया जाता है। जिसे कसावा भी कहते हैं। पेड़ की जड़ों को उखाड़ा जाता है। ये जड़ें दिखने में मोटी शकरकंद जैसी लगती हैं। इन्हें निकालकर फैक्ट्रियों में लाया जाता है।

दूसरा स्टेप- अब शकरकंद जैसी साबूदाना की जड़ों को साफ तरीके से पहले पानी से धोकर साफ किया जाता है। फिर इनका ब्राउन कलर का छिलका हटाया जाता है। ये अंदर से एकदम सफेद रंग की निकलती हैं। इन जड़ों को कई बार प्रोसेस करके पीसकर पेस्ट जैसा तैयार किया जाता है। इस स्टार्स भरे पेस्ट को अच्छे से छाना जाता है, जो देखने में दूधिया तरल पदार्थ जैसा लगता है।

तीसरा स्टेप- अब छानकर इसका स्टार्च अलग किया जाता है और स्टार्च को फिर धूप में सुखाया जाता है। इसका स्टार्च सूखने के बाद मोटे सफेद रंग के खड्डी जैसे टुकड़ो में बदल जाता है। इन्हें अच्छी तरह सूखने के बाद साबूदाना बनाने का आखिरी प्रोसेस शुरू किया जाता है।

चौथा स्टेप-इसके लिए तैयार किए गए सूखे स्टार्च को मशीन में डाला जाता है और इसे फिर से पाउडर बना दिया जाता है। आखिर में सूखे पाउडर से छोटे-छोटे मोती जैसे गोले बनाकर निकलते हैं। अब साबूदाना बनकर तैयार है, जिसे पैक करके मार्केट में बेचा जाता है।

इस तरह मोतियों जैसा दिखने वाला साबूदाना बनकर तैयार हो जाता है। मशीन में इसे तैयार करते वक्त कई शेप में बनाया जाता है। कुछ साबूदाना मोटे साइज के होते हैं और कुछ मीडियम और उससे छोटे भी साबूदाना तैयार किए जाते हैं। यानि साबूदाना वैसे तो पेड़ से ही तैयार किया जाता है लेकिन इसका बनाने का तरीका फैक्ट्रियों में पूरा होता है। अन्य चावलों की तरह ऐसे ही सीधे साबूदाना को निकालकर नहीं खाया जा सकता है।

 

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