दिवाली हिंदू धर्म के सबसे बड़ा त्योहार है। इसकी तैयारियां घरों में महीने भर पहले से शुरू हो जाती है। घर की साफ-सफाई से लेकर सजावट का काम भी शुरू हो जाता है। दिवाली के मौके पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। इस खास मौके पर लोग लक्ष्मी और गणेश की मूर्ति खरीदकर लाते हैं और उसकी पूजा करते हैं। वहीं बहुत से घरों में धातु यानी पीतल, तांबा या चांदी से बनी लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां होती हैं जिसकी पूजा की जाती है। लेकिन समय के साथ ये अपना चमक खो देती है। गंदी या फीकी पड़ी मूर्तियों को पूजना शुभ नहीं माना जाता। ऐसे में इसे साफ करने के लिए लोग तरह तरह के उपाय भी करते हैं। लेकिन फिर भी पुरानी चमक नहीं लौट आती है। ऐसे में कुछ आसान घरेलू नुस्खे आपके काम आ सकते हैं। यहां बताए गए घरेलू नुस्खे अपनाकर आप धातु की मूर्ति को आसानी से साफ कर सकते हैं।
1. नींबू और नमक का करें इस्तेमाल
पीतल और तांबे की मूर्तियों के लिए नींबू और नमक एक बेहतरीन नेचुरल क्लीनर हैं। इसके लिए एक कटोरी में दो चम्मच नमक लें और उसमें एक नींबू का रस मिलाएं। इस पेस्ट को स्पंज या मुलायम सूती कपड़े की मदद से मूर्ति पर अच्छी तरह लगाएं और 5-10 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। इसके बाद गुनगुने पानी से मूर्ति को धोकर साफ सूती कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें। मूर्ति चमक उठेगी।
2. इमली
तांबे और पीतल की पुरानी मूर्तियों पर जमी कालिख और जिद्दी दाग हटाने के लिए इमली का इस्तेमाल कारगर साबित हो सकता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए इमली को कुछ देर पानी में भिगोकर उसका गूदा तैयार कर लें। इस गूदे को मूर्ति पर लगाकर कुछ मिनट के लिए छोड़ दें। इमली में मौजूद नेचुरल एसिड धातु की सतह पर जमी गंदगी और मैल को आसानी से काट देता है। इसके बाद मूर्ति को साफ पानी से धोकर सुखा लें।
3. सिरका और बेकिंग सोडा का घोल
यदि मूर्तियां बहुत ज्यादा गंदी हो गई हैं और उन पर जिद्दी दाग हैं, तो सिरका और बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें। एक चम्मच बेकिंग सोडा में थोड़ा सा सफेद सिरका मिलाएं। जब यह हल्का झागदार हो जाए, तो इसे एक मुलायम ब्रश की मदद से मूर्ति के कोने-कोने तक लगाएं। हल्के हाथों से रगड़ने के बाद इसे साफ पानी से धो लें। ध्यान रखें कि चांदी की मूर्तियों पर इस तरीके का प्रयोग सावधानी से करें।