स्वामी विवेकानंद भारत के एक महान आध्यात्मिक गुरु, वक्ता और युवाओं के प्रेरणास्रोत थे। उनका मूल नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। उन्होंने न केवल भारत में वैदिक दर्शन और वेदांत का पुनरुत्थान किया, बल्कि वैश्विक पटल पर भारतीय संस्कृति और अध्यात्म को सम्मान दिलाया। विवेकानंद के जीवन का सबसे ऐतिहासिक क्षण 11 सितंबर 1893 को आया, जब उन्होंने अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में भारत का प्रतिनिधित्व किया। जैसे ही उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत "अमरीका के भाइयों और बहनों कहकर की, पूरा सभागार कई मिनटों तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। उन्होंने दुनिया को सिखाया कि सभी धर्म एक ही ईश्वर की ओर ले जाने वाले अलग-अलग रास्ते हैं। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी संपत्ति माना था। उनका मानना था कि देश का भविष्य कमरों में नहीं, बल्कि युवाओं की रगों में बहने वाले गर्म खून और उनके ऊंचे इरादों में है। यही कारण है कि उनके जन्मदिन 12 जनवरी को भारत में 'राष्ट्रीय युवा दिवस' के रूप में मनाया जाता है। उनके विचार युवाओं में नया जोश भरते हैं और जीवन का सही मतलब भी बताते हैं। यहां हम स्वामी विवेकानंद के प्रेरक, अनमोल विचार लेकर आए हैं। यहां पढ़ें स्वामी विवेकानंद के मोटिवेशनल कोट्स।
- जो कुछ भी तुम्हें कमजोर बनाता है- शारीरिक, बौद्धिक या मानसिक, उसे जहर की तरह त्याग दो।
- जब तक जीना, तब तक सीखना। अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है।
- जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी।
- जो व्यक्ति सांसारिक चीजों से व्याकुल नहीं होता समझो उस व्यक्ति ने अमरत्व प्राप्त कर लिया है।
- यह विश्व एक एसी व्यायामशाला है जहां पर हम खुद को शक्तिशाली और मजबूत बनाने के लिए आते है।
- अगर आपके दिल और दिमाग के बिच संघर्ष चल रहा हो तो हमेशा अपने दिल की सुने।
- कभी यह मत कहना कि मैं यह नहीं कर सकता। ऐसा कभी नहीं हो सकता, क्योंकि तुम अनंतस्वरूप हो, तुम सर्वशक्तिमान हो।
- हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का ध्यान रखिए कि आप क्या सोचते हैं।
- विनम्रता एक अनमोल गुण है।
- जीवन में जिज्ञासा आवश्यक है।
- करुणा और दयालुता सदैव स्वर्णिम होती है।