अमेरिका के शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म संसद में दुनिया के सभी धर्मों के प्रतिनिधी आए थे और स्वामी विवेकानंद इसमें सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। लेकिन बेहद कम लोग ही जानते होंगे कि उस वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले वह अकेले व्यक्ति नहीं थे।
Swami Vivekananda Motivational Quotes: स्वामी विवेकानंद एक बहुत बड़े विचारक, शानदार वक्ता और आध्यात्मिक नेता थे। उनके विचार आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं। ऐसे में आज उनकी जयंती के मौके पर यहां पढ़ें उनके प्रेरक अनमोल विचार।
Swami Vivekanand Jayanti 2026 Sanskrit Quotes: आज स्वामी विवेकानंद जी की 163 वीं जयंती मनाई जा रही है। उनकी जयंती को देशभर में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में इस खास मौके पर आप अपने करीबियों को संस्कृत में शुभकामनाएं दे सकते हैं। यहां देखें राष्ट्रीय युवा दिवस के संस्कृत विशेज।
देश के युवाओं को सफलता का मार्ग दिखाने वाले स्वामी विवेकानंद की आज जयंती है। विवेकानंद अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस की वजह से ही बुलंदियों पर पहुंचे। विवेकानंद और उनके गुरु के बीच मुलाकात की वजह भी काफी दिलचस्प है।
Swami Vivekananda Quotes in Hindi: 12 जनवरी, 1863 को कोलकाता में जन्में स्वामी विवेकानंद भारत के एक महान आध्यात्मिक गुरु थे। उनका असली नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। उनके विचार लोगों को काफी प्रभावित करते थे। ऐसे में यहां हम उनके अनमोल विचार लेकर आए हैं जो आपके अंदर नया जोश भरने का काम करेंगे।
स्वामी विवेकानंद ने अपने करीबियों और शिष्यों से कई मौकों पर कहा था कि वह 40 वर्ष की आयु तक जीवित नहीं रहेंगे। 4 जुलाई 1902 को उन्होंने 'महासमाधि' की अवस्था में देह त्याग दी।
Swami Vivekananda Jayanti 2025: स्वामी विवेकानंद ने अपने जीवनकाल के दौरान कई ऐसी शिक्षाएं दी हैं, जिन्हें अगर हम अपने जीवन में उतार लें तो ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
भारत के एक अहम राज्य में समुद्र के ऊपर देश का पहला 'ग्लास ब्रिज' बनाया गया है। इस परियोजना की लागत 37 करोड़ रुपये की है। पुल का सोमवार को उद्घाटन भी कर दिया गया है।
11 सितंबर, 1893 को स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में विश्व धर्म महासभा में अपना भाषण दिया था। तब उनके शब्दों ने आने वाली पीढ़ियों के कई लोगों को प्रेरित किया। इनमें एक 17 साल के नरेंद्र मोदी भी शामिल थे।
स्वामी विवेकानंद की आज पुण्यतिथि है। 4 जुलाई 1902 को उनका देहावसान हावड़ा के बेलुर मठ में हो गया। स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़े कई दिलचस्प किस्से हैं। एक किस्सा आज हम आपको बताने वाले हैं।
पीएम मोदी ने कहा, आज यदि भारत में लोकतंत्र है और सहिष्णुता है तो इसकी वजह है कि देश में हिंदू समाज बहुसंख्यक है। इन लोगों ने तो हिंदू आतंकवाद जैसी शब्दावली भी गढ़ दी थी। कांग्रेस के रवैये को देश की जनता माफ नहीं करेगी।
लोकसभा चुनाव 2024 का प्रचार अभियान खत्म होने के बाद पीएम मोदी ने कन्याकुमारी के विवेकानंद रॉक मेमोरियल में ध्यान शुरू कर दिया है। पीएम मोदी 1 जून की शाम तक यहीं रहने वाले हैं।
लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के चुनाव अभियान की समाप्ति के साथ पीएम मोदी की कन्याकुमारी यात्रा और पीएम मोदी का विवेकानंद रॉक मेमोरियल के ध्यान मंडपम में ध्यान करने के कार्यक्रम के बीच इस 33 साल पुरानी तस्वीर को सोशल मीडिया पर आप वायरल होते देख सकते हैं।
30 मई की शाम को लोकसभा चुनाव के प्रचार के थमने के बाद पीएम मोदी आध्यात्मिक प्रवास के लिए कन्याकुमारी जिले में प्रसिद्ध विवेकानंद रॉक मेमोरियल जाएंगे। हालांकि, कांग्रेस ने इस कार्यक्रम का विरोध किया है।
विवेकानंद रॉक मेमोरियल को भारत का सबसे आखिरी दक्षिणी छोर माना जाता है। जिस स्थान पर प्रधानमंत्री ध्यान लगाएंगे उसका विवेकानंद के जीवन पर बड़ा प्रभाव था।
लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में 57 लोकसभा सीटों के लिए 1 जून को मतदान होना है। पीएम मोदी का ये कन्याकुमारी दौरा 30 मई से 1 जून तक का होगा। वह 2019 में आखिरी फेज की वोटिंग के पहले केदारनाथ गए थे। वोटों की गिनती से पहले उन्होंने केदारनाथ मंदिर में पूजा-पाठ किया था।
विवेकानंद हिन्दुस्तान के एक ऐसे संन्यासी रहे हैं, जिनके संदेश आज भी लोगों को उनका अनुसरण करने को मजबूर कर देते हैं लेकिन उनके जीवन से जुड़ी एक घटना शायद आप नहीं जानते होंगे।
दुनिया के सबसे बड़े यूथ आईकॉन एवं महान आध्यात्मिक गुरू स्वामी विवेकानंद की आज जयंती है। 12 जनवरी 1863 को उनका जन्म कलकत्ता में हुआ था। लेकिन क्या आपको पता है कि वो सन्यासी कैसे बन गए और किसने उन्हें स्वामी विवेकानंद का नाम दिया।
अमोघ लीला दास इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISCON) से जुड़े हुए हैं। विवेकानंद पर उनके बयान के बाद जब विरोध शुरू हुआ तब इस्कॉन ने उनपर महीने भर का प्रतिबंध लगा दिया था।
अमेरिकी तीर्थयात्रियों ने बताया कि यह एक ऐसा अनुभव है जिसे हम शब्दों में बयां नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि पहाड़ों और पवित्र गुफा के अंदर उन्होंने जिस प्रकार की शांति का अनुभव किया, वह अनोखी है।
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