अगर आप 40 साल से ज्यादा उम्र की हैं और बिना किसी हैवी वर्कआउट के भी थकान महसूस करती हैं, तो आप अकेली नहीं हैं। ऐसा ज्यादातर महिलाओं को महसूस होता है। ऐसा बढ़ती उम्र की वजह से होता है। आपकी हड्डियों की डेंसिटी कमजोर होने लगती है और स्टैमिना घटने लगता है। ऐसी स्थिति में आपको दिनभर थकान, कमजोरी और बिस्तर पर लेटे रहने का मन करता है। अगर आपको भी ये लक्षण महसूस हो रहे हैं तो ये बिल्कुल सामान्य है। इसके लिए जरूरी है कि आप थोड़ा व्यायाम करें और अपनी मांसपेशियों को मजबूत बनाने पर काम करें। इससे आपको खोई हुई ताकत वापस मिलने लगेगी।
आशा आयुर्वेद की डायरेक्टर डॉक्टर चंचल शर्मा ने बताया कि 40 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं को सेहतमंद रहने या शरीर को एक्टिव रखने के लिए भारी वर्कआउट की जरूरत नहीं है। इसके बजाय, उन्हें बस सही एक्सरसाइज की जरूरत है जो उनके शरीर के हिसाब से हो और उन्हें दिन भर एक्टिव रखे। आप इन हल्के व्यायाम को लाइफस्टाइल का हिस्सा बना सकते हैं।
40 के बाद करें ये व्यायाम
तेज वॉक- हर बार बाहर जाते समय गाड़ी का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। तेज चलने की कोशिश करें, बस आपको टारगेट ध्यान में रखना है। शुरुआत में खुद पर ज्यादा जोर न डालें। अगर वॉक करते हुए सांस फूलने लगे तो रुक जाएं। थोड़ा रिलेक्स करें और आराम करें क्योंकि यह कोई रेस नहीं है। आपको दिन में 15 मिनट चलने से शुरुआत करनी है और इसे 45 मिनट तक करें।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग- सुनने में यह भले ही थका देने वाला लगे, लेकिन असल में ऐसा नहीं है। मसल्स को हेल्दी रखने के लिए आपको भारी वजन उठाने की जरूरत नहीं है। आपको बस सही वजन की जरूरत है। इसके लिए आप हल्के डंबल के साथ चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज कर सकते हैं। इसके अलावा बेंट ओवर रोज, ग्लूट ब्रिजेज, लंजेज, डेडलिफ़्ट्स जैसे व्यायाम खुद से घर पर या जिम में आसानी से कर सकते हैं।
स्विमिंग- गर्मियों के लिए बेस्ट है स्विमिंग करना, लेकिन आपको सिर्फ पानी में उतरना नहीं है बल्कि अच्छी स्विमिंग करने के लिए मेहनत करनी है। आप इसके लिए स्विमिंग क्लास जॉइन कर लें। इससे आपको हाथ और पैर दोनों का तालमेल बिठाकर मूवमेंट करना आसान होगा। स्विमिंग से आपके पूरे शरीर की अच्छी एक्सरसाइज हो जाती है। एक स्टडी के अनुसार बढ़ती उम्र की महिलाओं के लिए वॉटर एरोबिक एक्टिविटी अच्छी है इससे शरीर की चर्बी और ब्लड प्रेशर कम होता है और ताकत आती है।
ज़ुम्बा- अगर आपको डांस पसंद है, तो ज़ुम्बा आपके लिए बेस्ट है। ये कोई बॉलीवुड डांस नहीं बल्कि एक सिंक्रोनाइज्ड रूटीन है जो काफी मजेदार होता है। इससे वजन कम होता है और शरीर में एनर्जी आती है। कैलोरी कम करने के लिए ज़ुंम्बा काफी असरदार व्यायाम है।
कार्डियो- ये एक ऐसी फिजिकल एक्टिविटी जो आपकी हार्ट रेट बढ़ाती है, सांस लेने की गति तेज़ करती है और आपके दिल, फेफड़ों और रक्त वाहिकाओं को सक्रिय करती है। कार्डियो में मुख्य रूप से एरोबिक एक्सरसाइज़ होती हैं, जिससे आपका स्टैमिना बढ़ता है, कैलोरी बर्न होती हैं और दिल की सेहत को बेहतर बनती है।
साइकिलिंग- अगर आपको साइकिलिंग पसंद है तो ये बेहतरीन विकल्प है। सुबह-सुबह साइकिलिंग करने का मजा ही कुछ और है। साइकिलिंग से सांस फूल सकती है, लेकिन सुबह-सुबह साइकिलिंग करना अच्छा व्यायाम है। इससे फेफड़े मजबूत होते हैं और वजन भी कम होता है।
रनिंग- दिन में 5 से 10 मिनट की कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज़ दिल की बीमारियों के जोखिम को काफी कम कर सकती है, मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकती है और लंबे समय तक वज़न को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है।
सीढ़ियां चढ़ना-उतरना- घर में रोजाना सीढ़ियां चढ़ने और उतरने की आदत बनाएं। कार्डियोवैस्कुलर एंड्योरेंस बढ़ाने, ज्यादा से ज्यादा कैलोरी बर्न करने और शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियों जैसे ग्लूट्स, क्वाड्स और काव्स को मजबूत करने का सबसे आसान तरीका है।
अच्छी नींद- अच्छी नींद कोई वर्कआउट नहीं है, बल्कि एक जरूरी शारीरिक प्रक्रिया है जो एक्सरसाइज के साथ डबल फायदा देती है। जहां एक्सरसाइज शरीर और दिमाग को ऊर्जा देती है, वहीं नींद मांसपेशियों को दोबारा बनाने, चर्बी बर्न करने और दिमाग को तरोताज़ा करके रिकवर करने के लिए जरूरी है।