हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक और शाही रसोई का ज़िक्र होते ही हमारे दिमाग में सबसे पहला नाम 'चना मदरा' का आता है। यह डिश खाने में काफी स्वादिष्ट होती है। हिमाचल के पर्वतीय अंचलों में, विशेषकर चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों में, इसे शादियों, धाम और त्योहारों के दौरान बहुत चाव से बनाया और खाया जाता है। अगर आपने अभी तक इसका स्वाद नहीं चखा है, तो इसे घर पर ज़रूर ट्राय करें। यह बनाने में बेहद आसान है और इसका अनोखा स्वाद आपको दीवाना बना देगा। नोट कर लें रेसिपी।
सामग्री
- उबले हुए चने: 1 कप (रात भर भिगोकर उबाले हुए)
- गाढ़ा दही: 2 कप (फेंटा हुआ, ध्यान रहे दही खट्टा नहीं होना चाहिए)
- देसी घी: 3 से 4 बड़े चम्मच (मदरा का असली स्वाद घी से ही आता है)
- खड़े मसाले: 1 तेज पत्ता, 2-3 हरी इलायची, 1 बड़ी इलायची, 2-3 लौंग, 1 इंच दालचीनी का टुकड़ा, और आधा छोटा चम्मच जीरा
- हींग: दो चुटकी
- सूखे मसाले: आधा चम्मच हल्दी पाउडर, 1 चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, 1 चम्मच सौंफ पाउडर, आधा चम्मच सोंठ और धनिया पाउडर
- काजू और किशमिश: 2 बड़े चम्मच (अपनी पसंद अनुसार थोड़े से बादाम भी ले सकते हैं)
- नमक: स्वादानुसार
बनाने का तरीका
मसाला और ड्राई फ्रूट्स भूनें: सबसे पहले एक भारी तले वाले पैन या कढ़ाई में देसी घी गर्म करें। इसमें काजू और किशमिश को हल्का सुनहरा होने तक भूनकर एक प्लेट में निकाल लें। अब बचे हुए घी में जीरा, हींग और सभी खड़े मसाले (दालचीनी, लौंग, इलायची, तेज पत्ता) डालकर चटकाएं।
दही का बेस तैयार करें: अब गैस की आंच को बिल्कुल धीमा कर दें। इसमें फेंटा हुआ दही धीरे-धीरे डालें और लगातार चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं। दही को तब तक पकाएं जब तक कि वह घी न छोड़ने लगे और उसमें उबाल आ जाए।
मसाले मिलाएं: जब दही अच्छे से पक जाए, तब इसमें हल्दी पाउडर, कश्मीरी लाल मिर्च, सौंफ पाउडर, सोंठ और धनिया पाउडर डालें। इन मसालों को दही के साथ अच्छी तरह मिला लें, जिससे मदरा में एक बेहतरीन खुशबू और शाही रंगत आए जाए।
चने और ड्राई फ्रूट्स डालें: अब इसमें उबले हुए काले चने और भुने हुए काजू-किशमिश डाल दें। स्वादानुसार नमक मिलाएं।
धीमी आंच पर पकाएं: कढ़ाई को ढककर लगभग 10 से 15 मिनट के लिए धीमी आंच पर पकने दें, ताकि चने मसालों और दही के स्वाद को अच्छी तरह सोख लें। जब ग्रेवी गाढ़ी हो जाए और घी ऊपर तैरने लगे, तो गैस बंद कर दें। फिर धनिया पत्ता से गार्निश करें और सर्व करें।