जब भी बात बिहार के पारंपरिक डिश की होती है, तो सबसे पहला नाम जो ज़हन में आता है, वह है लिट्टी-चोखा। यह सिर्फ एक खाना नहीं, बल्कि बिहार की संस्कृति और पहचान का प्रतीक है। लेकिन एक और डिश है जो बिहार की संस्कृति को दर्शाती है वो है दाल पीठा। यह बिहार की पारंपरिक और बेहद लोकप्रिय डिश है। दाल पीठा स्वाद और सेहत का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन है। इसे 'बिहार का मोमोज़' भी कहा जाता है, लेकिन इसका देसी और मसालेदार स्वाद लाजवाब होता है। यह ऑयल फ्री होता है और स्टीम करके बनाया जाता है, इसलिए यह बेहद हेल्दी भी है। यहां हम आपके लिए दाल पीठा की रेसिपी लेकर आए हैं। यहां से नोट करें रेसिपी।
सामग्री
- 2 कप चावल का आटा
- 2.5 कप पानी
- 1 छोटा चम्मच नमक
- 1 कप चना दाल (4-5 घंटे भीगी हुई)
- 3-4 हरी मिर्च
- 5-6 लहसुन की कलियां
- 1 इंच अदरक
- 1/2 छोटा चम्मच हल्दी
- 1/2 छोटा चम्मच जीरा पाउडर
- स्वादानुसार नमक
- बारीक कटा हरा धनिया।
बनाने का तरीका
स्टेप 1
सबसे पहले भीगी हुई चना दाल को धोकर पानी छान लें। मिक्सी के जार में चना दाल, हरी मिर्च, लहसुन और अदरक डालकर बिना पानी के एक दरदरा पेस्ट पीस लें। ध्यान रहे, पेस्ट गीला नहीं होना चाहिए। अब इस पेस्ट में हल्दी, जीरा पाउडर, स्वादानुसार नमक और कटा हुआ हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिला लें। आपकी स्टफिंग तैयार है।
स्टेप 2
अब एक कढ़ाई में पानी और नमक डालकर उबालें। जब पानी उबलने लगे, तो गैस धीमी करें और धीरे-धीरे चावल का आटा डालते हुए लगातार चलाएं ताकि गुठलियां न पड़ें। गैस बंद कर दें और इसे 5 मिनट के लिए ढककर छोड़ दें। हल्का गुनगुना होने पर हाथों में थोड़ा सा पानी या घी लगाकर इसे एक स्मूथ और सॉफ्ट आटे की तरह गूंथ लें।
स्टेप 3
आटे से नींबू के आकार की लोइयां तोड़ें। एक लोई को कटोरी का शेप दें और उसके बीच में 1 से 1.5 चम्मच चना दाल की स्टफिंग भरें। अब इसे बीच से मोड़कर गुझिया या अर्धचंद्राकार का आकार दें। आप चाहें तो इसके किनारों को पूरी तरह बंद कर सकते हैं।
स्टेप 4
एक स्टीमर या गहरे बर्तन में पानी उबालें। स्टीमर की जाली पर थोड़ा सा तेल लगा लें ताकि पीठा चिपके नहीं। सभी पीठे को जाली पर रखें और ढककर मध्यम से तेज आंच पर 12-15 मिनट तक स्टीम होने दें। इसके बाद इसे बाहर निकाल कर ठंडा होने दें।
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