गुजरात की पारंपरिक मिठाइयों में 'मोहनथाल' का एक अलग ही स्थान है। दानेदार बनावट, मुंह में घुल जाने वाला स्वाद और देशी घी की भीनी-भीनी महक इसे त्योहारों और खास मौकों की पहली पसंद बनाती है। इस लाजवाब मिठाई का असली राज इसके धीमी आंच पर भूनने और दूध-बेसन के सही मेल में छिपा है। बाजार में मिलने वाली मिठाइयों में मिलावट होती है। ऐसे में आप चाहें तो इसे घर पर भी आसानी से बना सकते हैं। यहां हम आपके लिए मोहनथाल की रेसिपी लेकर आए हैं।
सामग्री
- बेसन: 2 कप (मोटा पिसा हुआ)
- दूध: 4-5 चम्मच (मोयन के लिए) + ¼ कप (भूनते समय)
- देशी घी: ¾ कप
- चीनी: 1 कप
- पानी: ½ कप
- इलायची पाउडर: ½ छोटा चम्मच
- जायफल और केसर: एक चुटकी
- कटे हुए ड्राई फ्रूट्स: बादाम और पिस्ता
बनाने का तरीका
स्टेप 1
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में बेसन निकालें। इसमें 3-4 चम्मच गुनगुना दूध और 3 चम्मच पिघला हुआ घी डालें। दोनों हाथों की हथेलियों से बेसन को अच्छी तरह मलें ताकि घी और दूध बेसन के कण-कण में समा जाए। इसे ढक्कर 15 मिनट के लिए रख दें। इसके बाद बेसन को किसी मोटी छलनी से छान लें। इस प्रक्रिया से मोहनथाल में दानेदार टेक्स्टचर आता है।
स्टेप 2
अब एक भारी तले की कढ़ाई में बचा हुआ घी गर्म करें। अब इसमें तैयार बेसन डालें। गैस की आंच बिल्कुल धीमी रखें और लगातार चलाते हुए भूनें। जैसे-जैसे बेसन भुनेगा, इसका रंग सुनहरा होने लगेगा और पूरे घर में सौंधी महक फैल जाएगी।
स्टेप 3
जब बेसन हल्का भूरा हो जाए, तब इसमें थोड़ा-थोड़ा करके ¼ कप दूध डालें। दूध डालते ही बेसन में झाग बनेगा और यह फूलने लगेगा। इसे लगातार चलाते रहें जब तक कि दूध पूरी तरह से सोख न जाए। यह स्टेप बेसन को मावे जैसी सॉफ्टनेस और रिच स्वाद देता है। इसके बाद गैस बंद कर दें।
स्टेप 5
दूसरे बर्तन में चीनी और पानी मिलाकर मध्यम आंच पर चढ़ाएं। हमें लगभग 1.5 तार की चाशनी बनानी है। चाशनी जब तैयार हो जाए, तो इसमें केसर, इलायची पाउडर और जायफल मिलाकर गैस बंद कर दें।
स्टेप 6
तैयार गरम चाशनी को थोड़ा-थोड़ा करके भुने हुए बेसन के मिश्रण में डालें और अच्छी तरह मिलाएं। एक थाली या ट्रे को घी से चिकना करें और उसमें यह मिश्रण पलट दें। ऊपर से कटे हुए बादाम और पिस्ता छिड़क कर हल्के से दबा दें। फिर इसे पीस में काट लें और इसका लुत्फ उठाएं।