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बड़ी से बड़ी समस्या का हल निकालना है आसान, अगर आप करेंगे शांत मन से विचार

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Jul 11, 2021 06:06 am IST,  Updated : Jul 11, 2021 06:06 am IST

खुशहाल जिंदगी के लिए आचार्य चाणक्य ने कई नीतियां बताई हैं। अगर आप भी अपनी जिंदगी में सुख और शांति चाहते हैं तो चाणक्य के इन सुविचारों को अपने जीवन में जरूर उतारिए।

Chanakya Niti-चाणक्य नीति- India TV Hindi
Chanakya Niti-चाणक्य नीति Image Source : INDIA TV

आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। हम लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में इन विचारों को भरे ही नजरअंदाज कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का ये  समस्या पर आधारित है।

'क्रोध के उन्माद में नहीं होता है समस्या का समाधान, किंतु शांत चित्त हर समस्या का हल ढूंढ सकता है।' आचार्य चाणक्य

आचार्य चाणक्य के इस कथन का अर्थ है कि मनुष्य किसी भी समस्या का हल शांत मन से निकाल सकता है। फिर चाहे वो समस्या कितनी भी बड़ी क्यों ना हो। लेकिन गुस्से में वो छोटी से छोटी समस्या का हल निकालने में असमर्थ होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि गुस्से में उसका दिमाग सबसे पहले काम करना बंद कर देता है।

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असल जिंदगी में ऐसे कई मौके आते हैं जहां पर मनुष्य किसी ना किसी समस्या में फस जाता है। उस वक्त ऐसा लगता है कि इस समस्या से निकलना नामुमकिन है। लेकिन अगर मनुष्य शांत रहकर उस समस्या के हल के बारे में सोचे तो वो उसमें जीत हासिल कर लेगा। यानी कि वो शांत मन से हर उस समस्या का हल निकाल सकता है जिसका वो सामना कर रहो हो। 

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इसके उलट अगर आप गुस्से में हैं और किसी समस्या का हल ढूंढ रहे हैं तो लाख कोशिश के बाद भी आपके हाथ खाली रहेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि गुस्से में सबसे पहले इंसान अपना दिमाग चलाना बंद कर देता है। वो उस वक्त इतना ज्यादा गुस्से में चूर होता कि कई बार साफ चीज भी उसे साफ नजर नहीं आती। यानी कि उसके सामने अगर समाधान भी हो तो भी वो उसे इन्नोर कर देता है। इसी वजह से आचार्य चाणक्य ने कहा है कि क्रोध के उन्माद में नहीं होता है समस्या का समाधान, किंतु शांत चित्त हर समस्या का हल ढूंढ सकता है। 

 

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