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Maha Shivratri 2019: महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त, पूजा-विधि और व्रत कथा

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Feb 26, 2019 03:40 pm IST,  Updated : Mar 01, 2019 08:22 pm IST

फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इसी दिन माता पार्वती तथा भगवान शिव का विवाह हुआ था। अगर आप यह सर्च कर रहे है कि आखिर किस दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। जानिए आखिर किस दिन पड़ रही है...

Maha Shivratri- India TV Hindi
Maha Shivratri

Maha Shivratri 2019: 4 मार्च को पूरे भारत में महाशिवरात्रि (Maha Shivratri 2019) मनाई जाएगी। इस दिन भगवान शिव (Lord Shiva) के भक्त मंदिरों में शिव शंकर की पूजा अर्चना करेंगे। शिवलिंग (Shivalinga) पर बेल पत्र चढ़ाएंगे। इसी दिन माता पार्वती तथा भगवान शिव का विवाह हुआ था। अगर आप यह सर्च कर रहे है कि आखिर किस दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। तो आपको बता दें कि इस बार 4 मार्च को पड़ रही है। आमतौर पर सालभर में 12 शिवरात्रि पड़ती है, लेकिन इस महाशिवरात्रि का खास महत्व होता है। इस बार सोमवार को पड़ने के कारण इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है। इसके साथ ही 4 मार्च को कुंभ के शाही स्नान का आखिरी दिन है।

महाशिवरात्रि 2019 का शुभ मुहूर्त (Maha Shivratri 2019: Shubh Muhurat)

महाशिवरात्रि 2019 का शुभ मुहूर्त शुरू - 4 मार्च को शाम 04:28 से

महाशिवरात्रि 2019 का शुभ मुहूर्त समाप्त - 5 मार्च 07:07 तक।

ऐसे करें महाशिवरात्रि के दिन शिव की पूजा (Mahashivratri 2019 Vrat Puja Vidhi)
मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर गाय के घी में कपूर मिला कर महामृत्युंजय मंत्र की 108 आहुति देनी चाहिए।  इस दिन रुद्राक्ष की माला धारण करना भी अच्छा माना जाता है। महाशिवरात्रि के दिन कच्चे दूध में गंगा जल मिला कर शिवलिंग का अभिषेक कर चन्दन, पुष्प, धूप, दीप आदि से पूजा की जाती है।

महाशिवरात्रि व्रत कथा

अमृत प्राप्त करने के लिए देवताओं और राक्षसों के बीच समुद्र मंथन हुआ। लेकिन इस अमृत से पहले कालकूट नाम का विष भी सागर से निकला। ये विष इतना खतरनाक था कि इससे पूरा ब्रह्मांड नष्ट किया जा सकता था। लेकिन इसे सिर्फ भगवान शिव ही नष्ट कर सकते थे। तब भगवान शिव ने कालकूट नामक विष को अपने कंठ में रख लिया था। इससे उनका कंठ (गला) नीला हो गया। इस घटना के बाद से भगवान शिव का नाम नीलकंठ पड़ा। मान्यता है कि भगवान शिव द्वारा विष पीकर पूरे संसार को इससे बचाने की इस घटना के उपलक्ष में ही महाशिवरात्रि मनाई जाती है।

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