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इंडिया गेट की ये खासियत लोगों को करती है अपना दीवाना, दीदार के लिए उमड़ता है पर्यटकों का हुजूम

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Jan 01, 2018 07:03 pm IST,  Updated : Jan 01, 2018 07:03 pm IST

नए साल के पहले दिन घूमने-फिरने और पार्टी करने घरों से बाहर निकले लोगों के कारण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कई जगहों पर शाम को भारी जाम लग गया। इंडिया गेट के पास तिलक मार्ग पर शाम 5 बजे से गाड़ियों की लंबी कतारें देखी गईं।

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नई दिल्ली: नए साल के पहले दिन घूमने-फिरने और पार्टी करने घरों से बाहर निकले लोगों के कारण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कई जगहों पर शाम को भारी जाम लग गया। इंडिया गेट के पास तिलक मार्ग पर शाम 5 बजे से गाड़ियों की लंबी कतारें देखी गईं।

दिल्ली पुलिस की ओर से भी कहा गया है कि इंडिया गेट के पास 1 लाख से ज्यादा लोगों के जमा होने से यातायात अगले कुछ घंटे तक बाधित रह सकता है। आपको बता दें कि नए साल पर इंडिया गेट इलाके में भारी जाम लगा हुआ है। साथ ही कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, ITO इलाके में भारी जाम लगा हुआ है।

आपको बता दें कि इंडिया गेट की खासियत यह है कि यहां हर दिन लोग घूमने आते हैं। ऐसा कोई दिन नहीं है जहां लोग न आते हो। इंडिया गेट के आसपास बड़े-बड़े पार्क हैं जहां अक्सर लोग घूमने या पिकनिक मनाते आते ही है।

खास क्यों है इंडिया गेट

बता दें कि नई दिल्ली के मध्‍य चौराहे में 42 मीटर ऊंचा इंडिया गेट है जो मेहराबदार "आर्क-द ट्रायम्‍फ" के रूप में है। इसके फ्रैंच काउंटरपार्ट के अनुरूप यहां 70,000 भारतीय सैनिकों का स्‍मारक है। जिन्‍होंने विश्‍व युद्ध-। के दौरान ब्रिटिश आर्मी के लिए अपनी जान गंवाई थी। इस स्‍मारक में अफगान युद्ध-1919 के दौरान पश्चिमोत्‍तर सीमांत (अब उत्‍तर-पश्चिम पाकिस्‍तान) में मारे गए 13516 से अधिक ब्रिटिश और भारतीय सैनिकों के नाम अंकित है।

इंडिया गेट की आधारशिला 1921 में माननीय डयूक ऑफ कनॉट ने रखी थी और इसे एडविन ल्‍यूटन ने डिजाइन किया था। इस स्‍मारक को 10 साल बाद तत्‍कालीन वायसराय लार्ड इर्विन ने राष्‍ट्र को समर्पित किया था। अन्‍य स्‍मारक अमर ज्‍योति भारत स्‍वतंत्रता के काफी बाद स्‍थापित की गई थी। मेहराब के नीचे यह अमर-ज्‍योति दिन-रात जलती रहती है, जो दिसंबर 1971 के भारत पाक युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की याद दिलाती है।

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