1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. इंदौर में दो आईपीएस अधिकारी समेत 11 पुलिस कर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित

इंदौर में दो आईपीएस अधिकारी समेत 11 पुलिस कर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित

 Reported By: Bhasha
 Published : Apr 22, 2020 02:20 pm IST,  Updated : Apr 22, 2020 02:20 pm IST

देश में कोविड-19 से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से एक इंदौर के एक आला अफसर ने बुधवार को बताया कि इस महामारी के खिलाफ जारी जंग में शामिल करीब 5,000 पुलिस कर्मियों में से 11 लोग इसके संक्रमण की जद में आ गये हैं। इनमें आईपीएस के दो अधिकारी भी शामिल हैं।

11 policemen, including two IPS officers, infected with coronavirus in Indore- India TV Hindi
11 policemen, including two IPS officers, infected with coronavirus in Indore

नई दिल्ली: देश में कोविड-19 से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से एक इंदौर के एक आला अफसर ने बुधवार को बताया कि इस महामारी के खिलाफ जारी जंग में शामिल करीब 5,000 पुलिस कर्मियों में से 11 लोग इसके संक्रमण की जद में आ गये हैं। इनमें भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के दो अधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायणचारी मिश्रा ने कहा, "जिले भर में अब तक दो आईपीएस अधिकारी समेत हमारे 11 कर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। अस्पतालों में इनके इलाज का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।" उन्होंने कहा, "कोविड-19 की तमाम चुनौतियों के बावजूद हमारे बल का हौसला बुलंद है। पुलिस कर्मी पहली पंक्ति के योद्धा के तौर पर इस महामारी के खिलाफ संघर्ष में जुटे हैं।" 

Related Stories

डीआईजी ने बताया कि फिलहाल जिले के अलग-अलग स्थानों पर करीब 5,000 पुलिस कर्मी तैनात हैं। वे आम लोगों से कर्फ्यू का पालन कराने समेत अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इनमें से करीब 170 पुलिस कर्मी अलग-अलग रोकथाम क्षेत्रों (कंटेनमेंट जोन) में तैनात हैं। इन क्षेत्रों में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी बदल-बदलकर लगायी जा रही है। रोकथाम क्षेत्र उस रिहाइशी इलाके को कहा जाता है जहां किसी महामारी का पहला मरीज मिलते ही उसे सील कर दिया जाता है और वहां आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी जाती है। 

मिश्रा ने बताया कि पुलिस को मास्क, सेनेटाइजर और निजी सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) की किट पर्याप्त संख्या में मिल रही है। बल के कर्मियों को कोरोना वायरस के खतरे से बचाने के लिये प्रशासनिक उपाय भी किये गये हैं। उन्होंने कहा, "सावधानी के तौर पर हमने 50 साल से अधिक उम्र वाले और पुरानी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे पुलिस कर्मियों को रोकथाम क्षेत्रों की ड्यूटी से पहले ही हटा दिया है। इनकी जिले के अन्य स्थानों पर तैनाती की गयी है।" 

गौरतलब है कि शहर के जूनी इंदौर थाने के प्रभारी 41 वर्षीय पुलिस निरीक्षक कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये थे, जिनकी शनिवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पुलिस निरीक्षक हालांकि इलाज के बाद कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त हो गये थे और डॉक्टरों ने संदेह जताया है कि उनकी मौत का तात्कालिक कारण पल्मोनरी एम्बोलिज्म (धमनी में खून का थक्का जमने से जुड़ी समस्या) है। लेकिन इस बात की भी आशंका है कि उनमें पल्मोनरी एम्बोलिज्म की समस्या कोरोना वायरस संक्रमण के कारण ही उत्पन्न हुई हो। 

अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक महीने में इंदौर जिले के कुल 923 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये हैं। इनमें से 52 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि 72 मरीजों को स्वस्थ होने पर अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है। इंदौर में कोरोना वायरस के मामले सामने आने के से प्रशासन ने 25 मार्च से शहरी सीमा में कर्फ्यू लगा रखा है, जबकि अन्य स्थानों में सख्त लॉकडाउन लागू है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। मध्य-प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।