मध्य प्रदेश के इंदौर के पलासिया थाना क्षेत्र में रहने वाली पीडब्ल्यूडी इंजीनियर आरती यादव की मौत अब बड़ा सवाल बन गई है। शुरुआत में इसे आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन अब मायके पक्ष ने पति, ससुर और देवर पर हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस हत्या की खबर ने सभी को हैरान कर दिया है और लोगों के होश उड़ा दिए। परिजनों का दावा है कि पहले आरती को नींद की गोलियां दी गई और फिर फंदे पर लटकाकर इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस फिलहाल हर पहलू से जांच कर रही है। आरती के परिजनों का आरोप है कि उसकी शादीशुदा जिंदगी लंबे समय से विवादों में थी। पति नीलेश नशे का आदी था और आए दिन दोनों के बीच विवाद होता था।
बेटे की चाह बनी आरती यादव की मौत की वजह
परिजनों का कहना है कि आरती की दो बेटियां हैं और ससुराल पक्ष बेटे की चाहत रखता था। इसी वजह से पति नीलेश की दूसरी शादी कराने की साजिश रची जा रही थी। आरोप है कि आरती इस रास्ते की सबसे बड़ी बाधा थी, इसलिए उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटा दिया गया। मायके पक्ष का दावा है कि घटना वाली सुबह आठ बजे आरती ने नौ नींद की गोलियां खाई थीं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि तीन घंटे बाद वह खुद फंदे तक कैसे पहुंच सकती थी।
कैसे दिया PWD इंजीनियर की हत्या को अंजाम
परिजनों का आरोप है कि पहले उसे बेहोशी की हालत में लाया गया और फिर फंदे पर लटकाकर पूरे मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट एफएसएल जांच और परिजनों सहित अन्य लोगों के बयानों के आधार पर यह स्पष्ट किया जाएगा कि मामला आत्महत्या का है या हत्या का। फिलहाल पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। हैरानी की बात यह है कि आज भी इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे लड़कियों की सुरक्षा को लेकर सभी की चिंता गई है।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
फिलहाल इस पूरे मामले में सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी। पुलिस का कहना है कि किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, जो भी तथ्य सामने आएंगे। उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
(इनपुट - भरत पाटिल)
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