1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. रतलाम में टीचर के ट्रांसफर पर बच्चों का विरोध प्रदर्शन, कहा- 'राठौर सर लौटेंगे, तभी स्कूल जाएंगे'

रतलाम में टीचर के ट्रांसफर पर बच्चों का विरोध प्रदर्शन, कहा- 'राठौर सर लौटेंगे, तभी स्कूल जाएंगे'

 Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Jul 14, 2026 11:15 pm IST,  Updated : Jul 14, 2026 11:21 pm IST

प्रदर्शनकारी स्कूली बच्चे अपने गार्जियन के साथ डीएम कार्यालय तक पहुंचे। हाथ में तख्ती लिए बच्चे स्कूल जाने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक राठौर सर का ट्रांसफर रुक नहीं जाता है, तब तक वह स्कूल नहीं जाएंगे।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : PTI

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के एक गांव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय से अजीबो गरीब मामला सामने आया है। जहां करीब 40 छात्रों ने अपने एक टीचर का ट्रांसफर रद्द करने की मांग उठाई है। स्कूल के छात्रों ने अपने गार्जियन के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर टीचर का ट्रांसफर रुकवाने के खातिर विरोध प्रदर्शन भी किया। स्कूली छात्रों ने कहा कि वे टीचर की वापसी तक स्कूल नहीं जाएंगे। टीचर बद्रीलाल राठौर के ट्रांसफर के विरोध में पिछले कई दिन से रूपनगर के स्कूल नहीं जा रहे बच्चों ने अपने हाथों में तख्तियां थाम रखी थीं। 

ट्रांसफर रुकवाने आई हूं- पांचवी की छात्रा तन्वी

इनमें से एक तख्ती पर लिखा था,'हम अब स्कूल तभी जाएंगे, जब राठौर सर वापस रूपनगर आएंगे।' कक्षा पांच की छात्रा तन्वी ने कहा, 'मैं राठौर सर का ट्रांसफर रुकवाने आई हूं।' सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें टीचर के विदाई समारोह के दौरान कई बच्चे रोते दिखाई दे रहे हैं।

डीएम से नहीं हो सकी मुलाकात

बच्चों और उनके गार्जियन ने जन सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी कार्यालय की सीढ़ियों के पास बैठकर जिलाधिकारी मिशा सिंह से मिलने की मांग की है। हालांकि, उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। बाद में अतिरिक्त जिलाधिकारी ब्रजेंद्र रावत ने उनसे चर्चा की। 

राठौर सर ने स्कूल में कईं सुविधाएं की विकसित

बच्चों के गार्जियन ने चेतावनी दी कि यदि 8 दिन के भीतर राठौर का ट्रांसफर रद्द नहीं किया गया, तो वे जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों के अनुसार राठौर ने निजी खर्च से स्कूल में कई सुविधाएं विकसित की हैं। उनके प्रयासों से बच्चों की गणित व अंग्रेजी जैसे विषयों पर पकड़ मजबूत हुई है। 

गांव के इस स्कूल में करीब 65 छात्र पढ़ते हैं। राठौर के मुताबिक उनके संकुल में 75 टीचर्स हैं, लेकिन प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए केवल उनका ट्रांसफर पिपलोदा क्षेत्र के सेमलिया गांव में 30 जून को कर दिया गया। 

समाधान निकालने का किया जाएगा प्रयास

अतिरिक्त जिलाधिकारी ब्रजेंद्र रावत ने कहा कि छात्रों और उनके अभिभावकों की बात सुनी गई है। उन्होंने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों से चर्चा की गई है। सभी पक्षों से विचार-विमर्श कर मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। (भाषा के इनपुट के साथ)

ये भी पढ़ें: 

शराब के नशे में स्कूल पहुंचा शिक्षक, छात्रों से मांग ली बीड़ी, वीडियो आने के बाद तत्काल कर दिया निलंबित

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। मध्य-प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।