बीएमसी ने बुशरा नदीम मलिक का नगरसेवक पद रद्द कर दिया है। वह चौथी नगरसेवक हैं, जिनकी सदस्यता बीएमसी सदन ने रद्द की है। उनसे पहले AIMIM के दो नगरसेवक और शिवसेना यूबीटी के एक नगरसेवक की सदस्यता रद्द हो चुकी है। अब बुशरा की सदस्यता रद्द होने के बाद बीएमसी में अजित पवार गुट को भी झटका लगा है। वार्ड नंबर 170 की नगरसेविका बुशरा नदीम मलिक का नगरसेवक पद रद्द कर दिया गया है।
बुशरा मलिक, एनसीपी नेता नवाब मलिक की भतीजी और कप्तान मलिक की बेटी हैं। इस कार्रवाई से मुंबई में एनसीपी (अजित पवार गुट) को बड़ा झटका लगा है। बीएमसी में अब तक कुल 4 नगरसेवकों की सदस्यता बीएमसी सदन से रद्द हो चुकी है। इनमें एक ठाकरे सेना, एक एनसीपी (अजित पवार गुट) और दो एआईएमआईएम (MIM) के नगरसेवक शामिल हैं।
89 मामलों पर हो रही जांच
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के मामले में कुल मिलाकर 89 मामले लंबित है, जिनमें से 19 कास्ट सर्टिफिकेट से जुड़े हुए हैं। बुशरा मलिक के डिसक्वालीफिकेशन की वजह सत्यापन समिति की डिटेल रिपोर्ट की कॉपी आने पर पता चलेगी।
रोशन शेख की सदस्यता भी रद्द
बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने गोवंडी के वार्ड 138 से निर्वाचित AIMIM की नगरसेविका रोशन शेख की सदस्यता समाप्त कर दी है। यह कार्रवाई उनके OBC जाति प्रमाणपत्र को जाति सत्यापन समिति द्वारा अमान्य घोषित किए जाने के बाद की गई। जारी अधिसूचना के अनुसार, परभणी जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति ने 27 अप्रैल 2026 को रोशन शेख के OBC जाति प्रमाणपत्र को अमान्य घोषित कर दिया। यह प्रमाणपत्र नवंबर 2025 में जारी किया गया था। रोशन शेख ने 2026 के बीएमसी चुनाव में OBC आरक्षित सीट से चुनाव जीतकर नगरसेविका का पद हासिल किया था। लेकिन जाति प्रमाणपत्र अमान्य होने के बाद बीएमसी ने मुंबई महानगरपालिका अधिनियम, 1888 की धारा 16(1C)(a) के तहत उनकी सदस्यता स्वतः समाप्त कर दी। बीएमसी की अधिसूचना के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 से ही उनकी नगरसेविका की सदस्यता समाप्त मानी जाएगी, क्योंकि इसी दिन जाति सत्यापन समिति ने अपना फैसला सुनाया था।
शमीर रमजान पटेल की सदस्यता भी गई
एक जांच समिति द्वारा ओबीसी जाति प्रमाणपत्र को अमान्य घोषित किए जाने के बाद एआईएमआईएम पार्षद शमीर रमजान पटेल को बीएमसी में अपनी सदस्यता गंवानी पड़ी थी। बीएमसी की आम सभा की बैठक में महापौर रितु तावड़े ने बताया था कि जिला जाति जांच समिति ने पटेल के जाति प्रमाणपत्र को अमान्य घोषित कर दिया है और अब वे पार्षद नहीं हैं। इससे पहले शिवसेना (उबाठा) पार्षद दीपक सावंत की सदस्यता खत्म हुई थी। 'ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन' (एआईएमआईएम) के पार्षद को गोवंडी के वार्ड नंबर 137 से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित सीट से चुना गया था। शिवसेना (उबाठा) पार्षद दीपक सावंत की सदस्यता भी इसी तरह के कारणों से खत्म हो गई थी। सावंत को भांडुप के एस वार्ड में वार्ड नंबर 111 से ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से चुना गया था।
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