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Ajit Pawar Plane Crash: डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन, जानें कैसा रहा उनका राजनीतिक और निजी जीवन का सफर

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Jan 28, 2026 10:12 am IST,  Updated : Jan 28, 2026 11:00 am IST

Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया। ये हादसा बारामती में हुआ। आज अजित पवार की बारामती में सभा होने वाली थी। उनके निधन से एनसीपी समेत पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर है।

Ajit Pawar- India TV Hindi
महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार Image Source : ANI

मुंबई: महाराष्ट्र के बारामती जिले में राज्य के डिप्टी CM और NCP के प्रमुख अजित पवार का विमान क्रैश हो गया है। इस विमान क्रैश में अजित पवार का निधन हो गया है। बता दें कि बारामती में अजित पवार की सभा होने वाली थी, वह आज सुबह ही मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए थे। 

कैसा था शुरुआती जीवन और पढ़ाई का सफर?

अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के देवलाली प्रवरा में अपने दादा के घर हुआ था। अजित पवार ने महाराष्ट्र एजुकेशन सोसायटी हाई स्कूल बारामती से प्राथमिक शिक्षा पाई थी। लेकिन जब वह कॉलेज में थे, तब उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उन्होंने पढ़ाई जारी नहीं रखी और राजनीति में आ गए थे। 

पिता का फिल्मी दुनिया से था कनेक्शन

अजित पवार के पिता अनंतराव पवार फिल्मी दुनिया से संबंध रखते थे। अनंतराव वी शांताराम के राजकमल स्टूडियो में काम करते थे। लेकिन अजित पवार का झुकाव राजनीति की तरफ था  तो उन्होंने अपने चाचा से राजनीति का हुनर सीखा और ग्राउंड लेवल पर काफी काम किया। एनसीपी के जनाधार को बढ़ाने में अजित पवार का अहम योगदान था।

अजित पवार के परिवार में कौन-कौन है?

अजित पवार के परिवार में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और 2 बच्चे हैं। अजित के बेटों का नाम पार्थ पवार और जय पवार है।

चाचा से सीखे राजनीति के गुण

अजित पवार को महाराष्ट्र की राजनीति में एक मंझा हुए नेता माना जाता था। उनकी छवि एक गंभीर नेता की थी। उन्होंने महाराष्ट्र की सियासत के चाणक्य कहे जाने वाले अपने चाचा शरद पवार से राजनीति के गुण सीखे थे। वह पार्टी के छोटे से छोटे कार्यकर्ता के साथ मजबूत रिलेशन बनाकर चलने में यकीन रखते थे। 

उन्हें महाराष्ट्र की सियासत में शरद पवार का वारिस माना जाता था। लेकिन समय के साथ चाचा-भतीजा के रिश्ते में खटास आ गई। अजित ने साल 2022 में चाचा के खिलाफ जाकर बीजेपी से हाथ मिलाया और महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम बने।

साल 1982 में राजनीति में कदम रखा

अजित पवार ने साल 1982 में राजनीति की दुनिया में कदम रखा था, उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। जब अजित पवार शुरुआती शिक्षा ले रहे थे, उस वक्त उनके चाचा शरद पवार एक जाने माने नेता बन चुके थे। राजनीति में कदम रखने से पहले उन्होंने सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड के लिए चुनाव भी लड़ा और पुणे सहकारी बैंक के अध्यक्ष भी रहे। 

साल 1991 में वह पहली बार बारामती से लोकसभा सांसद चुने गए। हालांकि बाद में उन्होंने ये सीट अपने चाचा शरद पवार को दे दी। लेकिन समय के साथ शरद पवार केंद्र की राजनीति में चले गए और पीवी नरसिम्हा राव सरकार में रक्षा मंत्री बने। इसके बाद महाराष्ट्र में अपने चाचा की ओर से अजित पवार ने ही कमान संभाली और धीरे-धीरे महाराष्ट्र की जनता के दिल में जगह बना ली। 

1995 से चमकी किस्मत, एक बार सांसद और 7 बार विधायक रहे

1995 में अजित पवार बारामती से विधायक बने। इसके बाद साल 1995, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 में विधायक बने। वह अपने राजनीतिक जीवन में एक बार सांसद और और सात बार विधायक रहे।

कई मंत्रालय संभाले

अजित पवार ने महाराष्ट्र में कई अहम मंत्रालय भी संभाले। उन्होंने राज्य सरकार में कृषि, ऊर्जा और योजना राज्य मंत्री, बिजली राज्य मंत्री के रूप में काम किया है। उन्होंने राज्य में सिंचाई मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय भी संभाला। इसके बाद वह राज्य में डिप्टी सीएम रहे। वर्तमान में वह डिप्टी सीएम ही थे। 

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