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महाराष्ट्र: दलित युवक की हिरासत में मौत, कांग्रेस नेता ने पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की

 Published : Mar 21, 2025 11:52 pm IST,  Updated : Mar 21, 2025 11:59 pm IST

दलित प्रदर्शनकारी सोमनाथ सूर्यवंशी की मौत के मामले पर कांग्रेस नेता ने महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठाते हुए पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने दावा किया था कि सूर्यवंशी की मौत बीमारी के कारण हुई है।

सोमनाथ सूर्यवंशी की मौत का मामला- India TV Hindi
सोमनाथ सूर्यवंशी की मौत का मामला Image Source : FILE PHOTO

महाराष्ट्र में दलित प्रदर्शनकारी सोमनाथ सूर्यवंशी की मौत का मामला गर्माता जा रहा है। मजिस्ट्रेट जांच के निष्कर्षों के बाद कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। कांग्रेस ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस किसे बचा रहे हैं? सूर्यवंशी की हिरासत में मौत के मामले की मजिस्ट्रेट जांच में सामने आया कि पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने के कारण उसकी जान गई। 

पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की भी मांग

कांग्रेस नेता सपकाल ने गृह मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे फडणवीस पर आरोप लगाया कि उन्होंने पिछले साल विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान घटना को लेकर दिए गए बयान में सूर्यवंशी की मौत के लिए अस्थमा को जिम्मेदार बताकर लोगों को गुमराह किया। कांग्रेस नेता ने सूर्यवंशी की मौत के लिए जिम्मेदार परभणी के पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की भी मांग की। 

पिछले साल दिसंबर में पुलिस हिरासत में हुई थी मौत

35 वर्षीय सोमनाथ सूर्यवंशी की पिछले साल 15 दिसंबर को परभणी के एक सरकारी अस्पताल में न्यायिक हिरासत के दौरान मौत हो गई थी। उसे कांच के बक्से में रखी संविधान की प्रति को क्षति पहुंचाए जाने को लेकर हुई हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने दावा किया था कि सूर्यवंशी की मौत बीमारी के कारण हुई। 

प्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया

सपकाल ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किए जाने की मांग तब की है, जब महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (MSHRC) ने कहा कि मजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट के अवलोकन से पता चलता है कि न्यायिक मजिस्ट्रेट इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि सूर्यवंशी की परभणी के नव मोंढा पुलिस थाने में पिटाई की गई थी। उन्होंने कहा कि सूर्यवंशी की मौत पुलिस की बर्बरता के कारण हुई, लेकिन मामले को दबाने के लिए इस संबंध में प्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। 

कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल
Image Source : FILE PHOTO कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल

कब जागेगी फडणवीस सरकार?

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि हिरासत के दौरान पुलिस द्वारा पिटाई किए जाने से उसकी मौत हुई, लेकिन सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब मजिस्ट्रेट जांच में भी खुलासा हुआ है कि सूर्यवंशी की मौत पुलिस की बर्बरता के कारण हुई थी।’ उन्होंने सवाव किया कि क्या फडणवीस सरकार आखिरकार जागेगी? 

ये मानवता पर कलंक- कांग्रेस नेता

सपकाल ने कहा कि परभणी का मामला अत्यंत गंभीर है और मानवता पर कलंक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस परभणी में संविधान की प्रति को क्षति पहुंचाए जाने की घटना को उचित ढंग से संभालने में विफल रही और इसके बजाय उसने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया, कई लोगों पर गंभीर हमले किए तथा कई अन्य को जेल में डाल दिया। 

सरकार ने मामले को दबाने की कोशिश की

सपकाल ने आरोप लगाया, ‘सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया गया। उसकी बेरहमी से पिटाई की गई और अंततः मारपीट के कारण उसकी मौत हो गई। लेकिन सरकार ने मामले को दबाने की कोशिश की।’ कांग्रेस नेता ने मांग की कि परभणी में तलाशी अभियान और लाठीचार्ज के आदेश किसने दिए, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने पूछा, ‘क्या यह आदेश मंत्रालय ने दिया था या पुलिस महानिदेशक के कार्यालय ने?’ 

दलित विरोधी है सरकार

सपकाल ने फडणवीस पर परभणी मामले को संभालने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस की बर्बरता के कारण एक दलित युवक की मौत हो गई, लेकिन सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है, जिससे यह पता चलता है कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की मानसिकता दलित विरोधी है। (भाषा के इनपुट के साथ)

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