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महाराष्ट्र ATS की बड़ी कार्रवाई: 15 साल से फरार अर्बन नक्सल प्रशांत कांबले उर्फ 'लैपटॉप' गिरफ्तार

 Reported By: Dinesh Mourya,,  Sachin Chaudhary, Edited By: Subhash Kumar
 Published : May 05, 2025 12:07 pm IST,  Updated : May 05, 2025 12:36 pm IST

महाराष्ट्र ATS ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अर्बन नक्सली कांबले उर्फ 'लैपटॉप' को गिरफ्तार कर लिया है। कांबले हार्डकोर नक्सली है और एक हाई वैल्यू टार्गेट है। वह कुछ साल से रायगड जिले के जंगली इलाके में आदिवासी बच्चों को पढ़ाता था।

प्रशांत जलिंदर कांबले उर्फ लैपटॉप।- India TV Hindi
प्रशांत जलिंदर कांबले उर्फ लैपटॉप। Image Source : INDIA TV

महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने पुणे निवासी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो 15 साल पहले लापता हो गया था। उसे प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का सक्रिय सदस्य होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी प्रशांत जलिंदर कांबले, जिसे "लैपटॉप" के नाम से भी जाना जाता था, राज्य एटीएस की ठाणे इकाई द्वारा 2011 में भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज एक मामले में वांछित था। गहन तलाशी अभियान के बाद एटीएस की पुणे इकाई ने कांबले को पकड़ लिया और उसे ठाणे इकाई को सौंप दिया। 

7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया

गिरफ्तार करने के बाद कांबले को रविवार को ठाणे की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आगे की जांच के लिए उसे सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कांबले ने सीपीआई-माओवादी की केंद्रीय समिति के सदस्य मिलिंद उर्फ ​​दीपक तेलतुम्बे के साथ मिलकर काम किया है, जो नवंबर 2021 में गढ़चिरौली में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कांबले अपने परिवार के सदस्यों के साथ पुणे शहर के ताड़ीवाला रोड झुग्गियों में रह रहा था।

कंप्यूटर मरम्मत का बोलकर वापस नहीं लौटा

पुणे के एक कॉलेज से स्नातक, कांबले कथित तौर पर शहर स्थित सांस्कृतिक संगठन कबीर कला मंच (केकेएम) से जुड़ा हुआ था, जो पुलिस के अनुसार "माओवादियों का एक मुखौटा संगठन" है। उस समय 28 वर्षीय कांबले 15 नवंबर 2010 को काम के लिए मुंबई जाने के बहाने घर से निकला था। जब वह वापस नहीं लौटा तो उसके परिवार ने 18 जनवरी 2011 को पुणे के बंडगार्डन पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि कांबले ने अपने परिवार से कहा था कि वह कंप्यूटर मरम्मत के कुछ काम के लिए मुंबई जा रहा है।

भाकपा-माओवादी में शामिल हुआ

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, केकेएम का एक और सदस्य, जिसकी पहचान भवानी पेठ के कासेवाड़ी झोपड़पट्टी निवासी संतोष वसंत शेलार उर्फ ​​विश्वा उर्फ ​​पेंटर के रूप में हुई है, कांबले के साथ लापता हो गया था और बाद में दोनों कथित तौर पर भाकपा-माओवादी में शामिल हो गए थे। 2011 के मध्य में शेलार और कांबले के साथ 14 अन्य लोगों पर महाराष्ट्र एटीएस ने मामला दर्ज किया था, जिनमें कथित तौर पर सीपीआई माओवादी की शीर्ष कार्यकर्ता एंजेला सोनटक्के और केकेएम के कुछ कलाकार भी शामिल थे, जिन पर प्रतिबंधित माओवादी समूह से कथित संबंधों के कारण मामला दर्ज किया गया था।

एटीएस के अनुसार, एंजेला और उनके पति मिलिंद तेलतुम्बे ने कथित तौर पर शेलार और कांबले सहित केकेएम के कुछ सदस्यों को माओवादी विचारधारा की ओर प्रेरित किया था। कांबले के भाई द्वारा 2011 में एटीएस को दिए गए बयान के अनुसार, उसके लापता होने के कुछ दिनों बाद, उसने कथित तौर पर अपने परिवार को फोन करके कहा था, "मैं नक्सलियों में शामिल हो गया हूं... मैं उनके साथ जंगलों में काम कर रहा हूं... हथियारों का प्रशिक्षण ले चुका हूं और अपने कंप्यूटर ज्ञान का उपयोग उनके लिए कर रहा हूं। वापस आने के सभी दरवाजे बंद हो चुके हैं। मैं आगे बढ़ चुका हूं..."

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