महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले की जांच कर रही एसआईटी ने बीते गुरुवार को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें वांटेड आरोपी कपिल दहिया भी शामिल है, जिस पर भिवंडी के कोंनगांव इलाके में लीक पेपर के खरीददार तलाशने का आरोप है। इन गिरफ्तारियों के साथ मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 7 हो गई है। इस खबर में जानें कि री-एग्जाम कब तक हो सकता है और गिरफ्तार आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद हुआ है।
कपिल दहिया पंजाब से गिरफ्तार
जांच की SIT से जुड़े हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने इंडिया टीवी को बताया कि कपिल दहिया पहले ही फरार चल रहा था, जिसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। उसे पंजाब के पठानकोट से गिरफ्तार किया गया।
मुख्य आरोपी की फरार होने में मदद करने के आरोप में 2 और गिरफ्तार
पुलिस ने मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता को फरार रहने में मदद करने के आरोप में सोनू सिंह और मिथुन सिंह को भी गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, बिहार के हाजीपुर निवासी सोनू सिंह लोकल बाजार में फोटोकॉपी की दुकान चलाता है। आरोप है कि बिजेंद्र गुप्ता के निर्देश पर उसने फर्जी पहचान पत्र तैयार किए, लीक हुए पेपर प्रिंट किए और अपनी दुकान से उनकी कई प्रतियां निकालीं। पुलिस ने सोनू के कब्जे से बिजेंद्र गुप्ता के फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किए। उसे उसकी दुकान से ही गिरफ्तार किया गया था।
मिथुन सिंह पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप
पुलिस के अनुसार, मिथुन सिंह, बिजेंद्र गुप्ता का रिश्तेदार है, क्योंकि दोनों की पत्नियां सगी बहनें हैं। आरोप है कि वह साजिश का हिस्सा था और कपिल दहिया के साथ पुणे जाकर टीईटी के लीक पेपर के संभावित खरीददारों की तलाश कर रहा था। उसे पटना से गिरफ्तार किया गया। कपिल दहिया, मिथुन सिंह और सोनू सिंह को गुरुवार को भिवंडी लाया गया, अदालत में पेश किया गया और 9 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
चार आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
इससे पहले पुलिस ने पटना से बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को गिरफ्तार किया था। वहीं, धीरज सिंह, आकाश कुमार और राजीव कुमार को 27 जून को कोंगांव में कथित तौर पर लीक टीईटी प्रश्नपत्र बेचने के लिए आने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। चारों आरोपी 6 जुलाई तक पुलिस हिरासत में हैं।
कोंगांव में पेपर के खरीददार तलाशने आया था कपिल दहिया
पुलिस के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता का करीबी सहयोगी कपिल दहिया धीरज सिंह के साथ कोंगांव में पेपर के खरीददार तलाशने आया था। हालांकि गिरफ्तारी से एक दिन पहले वह पुणे चला गया। धीरज, आकाश और राजीव की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद उसने कथित तौर पर दिल्ली की फ्लाइट ली और बाद में अंडरग्राउड हो गया।
पत्नी पर भी फरार होने में मदद करने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि सुमन कुमारी ने एक ऐप आधारित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अपने फरार पति से संपर्क बनाए रखा और जांच में सहयोग नहीं किया। जांच से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, सुमन कुमारी को पेपर लीक की जानकारी तब हुई जब उसने बिजेंद्र गुप्ता को फोन पर अपने एक सहयोगी से इस रैकेट के बारे में बात करते हुए सुना।
अब तक पत्नी के बयान में क्या सामने आया
सुमन कुमारी ने पुलिस को बताया कि उनकी शादी करीब 15 साल पहले हुई थी और उनकी तीन बेटियां हैं। उसने बताया कि बिजेंद्र गुप्ता पटना और दिल्ली में प्रॉपर्टी डीलर के रूप में भी काम करता था। पुलिस के अनुसार, परिवार ने 1 जुलाई को अपनी एक बेटी का जन्मदिन मनाने की तैयारी की थी और कैटरर भी बुक कर लिया था। लेकिन 29 जून को सुमन कुमारी की गिरफ्तारी हो गई। जांचकर्ताओं का मानना है कि बिजेंद्र गुप्ता समारोह में आने वाला था, लेकिन पत्नी की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद फरार हो गया।
पांच साल पहले भी एक मामले में था फरार
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि करीब पांच साल पहले भी एक अन्य मामले में फरार रहने के दौरान परिवार के एक करीबी सदस्य की मृत्यु हुई थी। सुरक्षा का भरोसा मिलने पर वह कुछ देर अंतिम संस्कार में पहुंचा, लेकिन पुलिस के आने की सूचना मिलते ही कुछ ही मिनटों में वहां से चला गया।
ऐसे हुआ था पेपर लीक का खुलासा
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के बाद भिवंडी डीसीपी पवन बंसोडे ने एक गुप्त अभियान शुरू किया। इस दौरान, एक पुलिस निरीक्षक ने संभावित खरीददार बनकर आरोपियों से संपर्क किया। जब आरोपियों को लगा कि उन्हें ग्राहक मिल गया है, तो उन्होंने बिजेंद्र गुप्ता से संपर्क किया। इसके बाद गुप्ता ने राजीव कुमार और आकाश कुमार को लीक पेपर के चार सेट भेजे।
पुलिस ने जाल बिछाकर 3 आरोपियों को पकड़ा
पुलिस ने कोंनगांव के एक होटल में जाल बिछाकर धीरज सिंह, आकाश कुमार और राजीव कुमार को पेपर बेचने की कोशिश करते समय गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, साजिश में शामिल कपिल दहिया उस समय तक दूसरे खरीददार की तलाश में पुणे जा चुका था।
जांच में बिजेंद्र गुप्ता का आपराधिक रिकॉर्ड आया सामने
पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक का मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता पहले भी कई राज्यों में पेपर लीक मामलों में शामिल रहा है और एक हत्या के मामले में भी गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस का कहना है कि बिजेंद्र गुप्ता कई बार गिरफ्तार हुआ, लेकिन हर बार जमानत मिलने के बाद फरार हो जाता था और दूसरी पहचान के साथ किसी अन्य राज्य में सक्रिय हो जाता था।
एक शिक्षक से पेपर लीक नेटवर्क तक का सफर
पुलिस के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता बिहार के समस्तीपुर जिले का रहने वाला है। उसने वहीं से स्कूली शिक्षा पूरी की। चार भाई-बहनों में सबसे छोटा गुप्ता किराना और आटा चक्की का कारोबार करने वाले परिवार से है। बेगूसराय से विज्ञान में स्नातक करने के बाद उसने पटना के कोचिंग संस्थानों में पढ़ाया और बाद में भोपाल जाकर भी शिक्षक के रूप में कार्य किया।
हत्या और पेपर लीक मामलों में गिरफ्तारी
पुलिस का कहना है कि साल 2003 में स्टूडेंट रहते हुए बेगूसराय में हत्या के एक मामले में बिजेंद्र गुप्ता गिरफ्तार किया गया था। उसकी पत्नी सुमन कुमारी ने पुलिस को बताया कि उस मामले में बिजेंद्र गुप्ता बरी हो गया था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इंडिया टीवी को बताया कि साला 2011 में भोपाल में एक राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में भी उसे गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे जमानत मिल गई थी।
कई बार अरेस्ट होने के बाद भी सक्रिय रहा बिजेंद्र गुप्ता
जांचकर्ताओं का आरोप है कि बाद में बिजेंद्र गुप्ता धीरे-धीरे पेपर लीक नेटवर्क का हिस्सा बन गया और अपनी पहचान तथा नाम बदलकर काम करता रहा। एसआईटी ने उसे साल 2023 के ओडिशा संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) पेपर लीक मामले से भी जोड़ा है, जिसमें उसे गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत मिल गई थी। अधिकारियों का कहना है कि कई बार गिरफ्तार होने के बावजूद वह ऐसे नेटवर्क में सक्रिय रहा।
महाराष्ट्र में अब टीईटी परीक्षा सितंबर में होने की संभावना
महाराष्ट्र एजुकेशन डिपार्टमेंट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इंडिया टीवी को बताया कि अब महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा सितंबर में कराई जा सकती है, क्योंकि पूरी परीक्षा प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी होगी और तत्काल परीक्षा कराना संभव नहीं है। महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने परीक्षा ऑनलाइन कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
टीईटी परीक्षा से 1 दिन पहले लीक हो गया था पेपर
परिषद ने पहले 28 जून को टीईटी परीक्षा निर्धारित की थी, लेकिन 27 जून को ठाणे जिले में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद परीक्षा स्थगित कर दी गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने इंडिया टीवी को बताया कि प्रश्नपत्र दोबारा तैयार किए जाएंगे और भविष्य में किसी भी प्रकार की पेपर लीक की घटना रोकने के लिए अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से क्या क्या बरामद हुआ
डीसीपी पवन बनसोडे ने बातचीत के दौरान बताया कि पुलिस ने कपिल दहिया के कब्जे से टीईटी के पेपर, एक प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए हैं। वहीं, सोनू सिंह के कंप्यूटर से हिंदी, मराठी और अंग्रेजी भाषा में टीईटी के पेपर की कॉपियां भी मिली हैं। इन सभी दस्तावेजों को शिक्षा विभाग के पास भेजा गया है, ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि क्या यही वे पेपर हैं जो लीक हुए थे।
कई फर्जी दस्तावेज भी बरामद हुए
पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन हार्ड डिस्क भी जब्त किए हैं। इसके अलावा, 'अभिषेक महतो' के नाम से बने फर्जी पैन कार्ड, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए गए हैं, जिन पर कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता की तस्वीर लगी हुई थी। पुलिस के मुताबिक, सोनू सिंह और मिथुन सिंह ने समस्तीपुर से बिजेंद्र गुप्ता को अपनी कार में बैठाकर फरार होने में मदद की थी।
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