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मराठी नहीं आती तो महाराष्ट्र में 1 मई से नहीं चला पाएंगे ऑटो-टैक्सी, पढ़ने-लिखने और बोलने की क्षमता का होगा टेस्ट

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Apr 15, 2026 08:26 am IST,  Updated : Apr 15, 2026 08:43 am IST

महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि राज्य के सभी लाइसेंस वाले ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को 1 मई से मराठी जानना ज़रूरी होगा। ड्राइवरों की भाषा पढ़ने, लिखने और बोलने की क्षमता का टेस्ट लिया जाएगा। जो फेल होंगे, उनका लाइसेंस कैंसिल हो सकता है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : ANI

मुंबईः महाराष्ट्र सरकार ने 1 मई से राज्य के सभी लाइसेंस वाले रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी की बेसिक जानकारी होना ज़रूरी कर दिया है। ट्रांसपोर्ट मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि ड्राइवरों की जांच के लिए राज्य भर में मोटर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के 59 ऑफिस के ज़रिए एक कैंपेन चलाया जाएगा ताकि यह वेरिफाई किया जा सके कि ड्राइवर भाषा पढ़ और लिख सकते हैं या नहीं।

सरनाइक ने चेतावनी दी कि जिन चालकों को मराठी का बुनियादी ज्ञान नहीं है, उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि एक मई (महाराष्ट्र दिवस) से सभी लाइसेंस प्राप्त रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी जानना अनिवार्य होगा। 

मंत्री बोले- ड्राइवर को मराठी भाषा का ज्ञान होना जरूरी

 
मंत्री सरनाइक ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए लोकल भाषा की जानकारी ज़रूरी करने वाला मौजूदा नियम पहले से ही लागू था, लेकिन इसे बड़े पैमाने पर नज़रअंदाज़ किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को कई शिकायतें मिली हैं, खासकर मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR), छत्रपति संभाजी नगर और नागपुर से, कि ड्राइवर यात्रियों से मराठी में बात नहीं कर पा रहे हैं या करना नहीं चाहते हैं।

मंत्री ने यह भी कहा कि यह हर किसी का कर्तव्य है कि वह उस क्षेत्र की भाषा सीखे जहां वे काम करते हैं। जहां अपनी मातृभाषा पर गर्व होना ज़रूरी है, वहीं काम करते समय राज्य की भाषा का सम्मान करना भी उतना ही ज़रूरी है। सरनाइक ने यह भी कहा कि नियम सिर्फ़ ड्राइवरों तक ही सीमित नहीं रहेंगे। मंत्री ने कहा कि इन स्थापित नियमों को नज़रअंदाज़ करके गलत तरीके से लाइसेंस जारी करने के दोषी पाए जाने वाले ट्रांसपोर्ट अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

उत्तर भारत के हजारों लोग चलाते हैं ऑटो व टैक्सी

बता दें कि मुंबई में 2.80 लाख ऑटो-रिक्शा और 20,000 टैक्सी परमिट होल्डर हैं, जो करीब 5 लाख ड्राइवरों को काम देते हैं। उनमें से कम से कम 70% नॉर्थ इंडिया से हैं।  RTO अधिकारियों का कहना है कि मराठी में जानकारी पर नया निर्देश सिर्फ एक मौजूदा रेगुलेशन को लागू करता है जिसके तहत देश भर में ऑटो और टैक्सी परमिट होल्डर और ड्राइवरों को राज्य की भाषा में जानकारी होनी चाहिए।  

 

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