मुंबईः उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को ठाणे-पालघर बेल्ट में एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद आनंद परांजपे ने पार्टी के अपने सभी पदों से इस्तीफा देने के बाद एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल हो गए हैं। खबरों के मुताबिक, परांजपे विधान परिषद के लिए टिकट न मिलने से नाराज़ थे।
पहले भी शिवसेना में रह चुके हैं आनंद परांजपे
जानकारी के मुताबिक, आनंद परांजपे के पिता शिवसेना में थे। खुद परांजपे भी शिवसेना से सांसद रह चुके हैं। 12 साल पहले आनंद परांजपे NCP से जुड़े और जब अजीप पवार और शरद पवार अलग हुए तो उस वक्त परांजपे ने अजीत पवार का साथ चुना।
ठाणे-कल्याण क्षेत्र में है प्रभाव
अब महायुति में रहते हुए आनंद परांजपे का शिंदे की शिवसेना में शामिल होना कई सवाल खड़े कर रहा है। हाल ही में एनसीपी में कार्यकारिणी की सूची को लेकर हुए विवाद और रोहित पवार का सुनीत तटकरे और प्रफुल्ल पटेल का दिया बयान भी इस वक्त चर्चा का विषय बना हुआ है। बता दें कि आनंद परांजपे को ठाणे-कल्याण क्षेत्र में एक प्रभावशाली नेता माना जाता है, जिन्होंने शिवसेना, NCP और स्थानीय राजनीति में अपनी एक अलग छाप छोड़ी है।
ठाणे और पालघर जिलों में NCP के लिए किया था काम
अपने इस्तीफे में आनंद परांजपे ने पार्टी द्वारा उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि वह अपनी राजनीतिक यात्रा में एक नया रास्ता चुनने के लिए अपने पदों से हट रहे हैं। कई वर्षों तक, उन्होंने ठाणे और पालघर जिलों में NCP के एक सक्रिय और मुखर चेहरे के रूप में काम किया था। हाल ही में यह अटकल भी थी कि उन्होंने शिवसेना के कुछ नेताओं के साथ बैठकें की हैं।
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