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किसानों की ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा पर शरद पवार ने बोल दी बड़ी बात, कहा- ये पाप न करें

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 26, 2021 09:54 pm IST,  Updated : Jan 26, 2021 09:54 pm IST

पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने कहा कि 2 महीने से प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांगों पर कोई रास्ता निकाला जाना चाहिए था।

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एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि 2 महीने से प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांगों पर कोई रास्ता निकाला जाना चाहिए था। Image Source : PTI

मुंबई: दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा के मद्देनजर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने मंगलवार को कहा कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग से पंजाब में अशांति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए मोदी सरकार को यह ‘पाप’ नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में जो कुछ हुआ, उसका समर्थन नहीं किया जा सकता लेकिन उन कारणों को भी नरअंदाज नहीं किया जा सकता जिनकी वजह से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई। पवार ने कहा कि 2 महीने से प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांगों पर कोई रास्ता निकाला जाना चाहिए था।

‘सरकार छोड़ दे अपना अड़ियल रवैया’

पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार से कहा कि वह नए कृषि कानूनों को रद्द करने के मुद्दे पर किसानों से वार्ता करे और मुद्दे पर अपना ‘अड़ियल रवैया’ छोड़े। पवार ने कहा कि यदि केंद्र ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया तो पंजाब में अशांति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए मोदी सरकार को यह ‘पाप’ नहीं करना चाहिए। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता ने कहा कि किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली तो केंद्र और कानून व्यवस्था से जुड़े लोगों से उम्मीद थी कि वे उनसे संवेदनशील तरीके से निपटें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पिछले 2 महीने से प्रदर्शन कर किसानों को आहत किए बिना किसानों की मांगों पर कोई रास्ता निकाला जाना चाहिए था।

‘किसानों पर लगाई गई थीं कड़ी शर्तें’
पूर्व केंद्रीय मंत्री पवार ने कहा कि उन्हें जो सूचना मिली है, उसके अनुसार ट्रैक्टर परेड के लिए किसानों पर कड़ी शर्तें लगाई गई थीं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों से उनके 50-60 दिन के आंदोलन और उनके धैर्य को ध्यान में रखकर निपटा जाना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों ने एक अलग नजरिया अपनाया जिससे स्थिति खराब हुई है। पवार ने कहा कि आज हुई घटनाओं का कोई बचाव नहीं कर सकता, लेकिन यह क्यों हो रहा है, कोई इसे नजरअंदाज नहीं कर सकता।

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