मुंबई: महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने रविवार को विपक्षी दल शिवसेना (UBT) की स्थिति की तुलना मुंबई की 'खतरनाक' और 'जर्जर' इमारतों से की। दो पूर्व पार्षदों को भाजपा में शामिल करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पार्टी की मुंबई इकाई के अध्यक्ष शेलार ने कहा कि शिवसेना (UBT) के 50 पूर्व पार्षद पहले ही प्रतिद्वंद्वी गुट में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा, "अविभाजित शिवसेना ने 2017 के मुंबई निकाय चुनावों में 84 सीट जीती थीं जबकि बीजेपी को 82 सीट पर जीत मिली थी। अब 100 से अधिक पूर्व पार्षदों के साथ हम शिवसेना की मूल संख्या को पार कर चुके हैं। शिवसेना (UBT) के अलावा अन्य दलों के पूर्व पार्षद भी हमारे साथ आए हैं।"
नगर निगम चुनावों में बीजेपी जीतेगी?
मंत्री ने कहा कि मुंबई वासियों के आशीर्वाद से भाजपा आगामी नगर निगम चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। शेलार ने कहा कि शिवसेना (उबाठा) की हालत मुंबई की खतरनाक और जीर्ण-शीर्ण इमारतों जैसी है। भाजपा नेता ने कहा, "पार्टी की हालत खतरनाक है क्योंकि यह हिंदुत्व विरोधी, मुंबई विरोधी और बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा विरोधी हो गई है। यह जीर्ण-शीर्ण है क्योंकि कोई भी इसमें नहीं रहना चाहता।"
क्यों हुई शिवसेना (UBT) के नेताओं की डिनर पार्टी?
बता दें कि शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार शाम मुंबई के उपनगरीय क्षेत्र में एक होटल में रात्रि भोज पर अपनी पार्टी के सांसदों और विधायकों के साथ बैठक की। यह बैठक इस मायने में अहम है कि पिछले कुछ सप्ताहों में पार्टी के कई स्थानीय स्तर के नेता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली प्रतिद्वंद्वी शिवसेना में शामिल हो गए हैं। यह बैठक ऐसे समय हुई जब मुंबई और अन्य स्थानों पर नगरीय निकाय चुनाव होने वाले हैं तथा शिवसेना (UBT) और उद्धव ठाकरे के चचेरे भाई राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बीच संभावित गठबंधन की अटकलें हैं।
शिवसेना (UBT) के मुंबई दक्षिण मध्य सांसद अनिल देसाई ने बताया कि इस बैठक में पार्टी के सभी सांसद और विधायक मौजूद थे। पार्टी के पास महाराष्ट्र में नौ लोकसभा सदस्य और 20 विधायक हैं। इसके अलावा शिवसेना (UBT) के दो राज्यसभा सदस्य और सात विधानपरिषद सदस्य (MLC) भी हैं। उन्होंने बताया कि विधायकों ने किसानों के लिए ऋण माफी को लागू करने में भाजपा नीत सरकार की विफलता तथा ऋण और फसल बीमा प्राप्त करने में उन्हें होने वाली कठिनाइयों पर चर्चा की। देसाई ने बताया कि चर्चा में केंद्र की राजग सरकार द्वारा विपक्ष को संसद में महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने की अनुमति नहीं देने पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बैठक में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना की गयी। (भाषा)