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राजनीति से संन्यास लेंगे नारायण राणे? सिंधुदुर्ग के कार्यक्रम में दिया संकेत, जानें क्या कहा

 Published : Jan 04, 2026 11:26 pm IST,  Updated : Jan 04, 2026 11:26 pm IST

नारायण राणे ने कहा कि आज की राजनीति साजिशों से भरी हुई है जिसने सक्रिय सार्वजनिक जीवन से हटने के उनके संकल्प को और मजबूत किया है। उन्होंने सिंधुदुर्ग में आयोजित एक अभिनंदन समारोह में यह बात कही।

Narayan Rane- India TV Hindi
नारायण राणे Image Source : PTI

मुंबई: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सीनियर नेता और लोकसभा सांसद नारायण राणे अब राजनीति से संन्यास लेने जा रहे हैं। जी हां, रविवार को उन्होंने इस बात का संकेत देते हुए कहा कि उन्होंने अब "घर पर बैठने" और अपने परिवार के व्यापारिक हितों की देखभाल करने का फैसला किया है। 

साजिशों से भरी है आज की राजनीति 

73 वर्षीय नारायण राणे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज की राजनीति साजिशों से भरी हुई है, जिसने सक्रिय सार्वजनिक जीवन से हटने के उनके संकल्प को और मजबूत किया है। राणे ने सिंधुदुर्ग में आयोजित एक अभिनंदन समारोह में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

रिटायरमेंट की बताई ये वजह

नारायण राणे ने कहा, "अब मैंने घर पर बैठने का फैसला किया है। मैं अपने दोनों बेटों से कहूंगा कि वे संतुष्ट जीवन जिएं। मेरे बाद विकास की राजनीति को (शिवसेना के) नीलेश और (राज्य के मंत्री) नितेश आगे बढ़ाएंगे। जब वे बुलाएं, तो आप आएं।" बीजेपी के सीनियर नेता नारायण राणे ने कहा कि बढ़ती उम्र और थकावट के कारण वह यह निर्णय लेना चाहते हैं। 

सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आग्रह

राणे ने यह भी कहा कि उनके दोनों बेटे राजनीति में अच्छी तरह से स्थापित हो चुके हैं, इसलिए किसी को परिवार के व्यावसायिक हितों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। भावुक होकर बोलते हुए, राणे ने कार्यकर्ताओं से अच्छे काम को बढ़ावा देने और सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आग्रह किया। 

अपने लंबे राजनीतिक सफर को याद करते हुए, राणे ने कहा कि वह अब भी सादा जीवन जीते हैं और मानवता को ही अपना सच्चा धर्म मानते हैं। राणे ने कहा कि अतीत में उन्हें कई बाधाओं और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है और अब भी करना पड़ रहा है, लेकिन उन्होंने अपने विरोधियों के बारे में कुछ भी न बोलने का फैसला किया। 

कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील

‘महायुति’ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नारायण राणे ने उनसे एकजुट रहने की अपील की और धन के लिए राजनीति में आने से बचने की चेतावनी दी, क्योंकि ऐसे लाभ टिकाऊ नहीं होते। उन्होंने राजनीति में नफरत के खिलाफ भी चेतावनी दी और पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे व्यक्तिगत हितों से ऊपर संगठन को प्राथमिकता दें। 

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