असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को कार्बी आंगलोंग के अपने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन कहा कि यह पहाड़ी जिला, जो कभी उग्रवादी गतिविधियों का केंद्र हुआ करता था, अब शांति और विकास के रास्ते पर है। उन्होंने विशेष रूप से पूर्व उग्रवादियों को समाज में पुनः शामिल करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने 2021 में छह उग्रवादी संगठनों के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर के बाद पिछले कुछ वर्षों में आए बदलावों का जिक्र किया।
"कार्बी आंगलोंग में बड़े पैमाने पर हुए बदलाव"
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले छह संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और समझौते की शर्तों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कार्बी आंगलोंग में हाल के वर्षों में बड़े पैमाने पर बदलाव हुए हैं, जिनमें हिंसा से उद्यमिता की ओर परिवर्तन शामिल है। मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "बंदूक से लेकर मूंगफली और उग्रवाद से लेकर उद्यमिता तक, कार्बी आंगलोंग ने हाल के वर्षों में बड़े पैमाने पर बदलाव देखा है।"
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र के 1,000 करोड़ रुपये के पैकेज के साथ कार्बी शांति समझौते को "शब्दशः" लागू कर रही है। इस पैकेज के तहत राज्य सरकार ने कार्बी आंगलोंग जिले में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से कई पूर्व उग्रवादी अब मत्स्यपालन और कृषि उद्यमी बनने के साथ-साथ रोजगार सृजनकर्ता भी बन गए हैं।
"पूर्व उग्रवादी समूहों के सदस्य से मुलाकात"
हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि उन्होंने उन पूर्व उग्रवादी समूहों के सदस्य से मुलाकात की, जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया और अब समाज की प्रगति में योगदान दे रहे हैं। उनका मानना है कि कार्बी आंगलोंग में बदलाव का यह दौर न केवल स्थानीय समुदायों के लिए बल्कि पूरे असम राज्य के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण लेकर आया है।
2021 में असम सरकार ने छह उग्रवादी संगठनों के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिनमें कार्बी लोंगरी एनसी हिल्स लिबरेशन फ्रंट (केएलएनएलएफ), पीपुल्स डेमोक्रेटिक काउंसिल ऑफ कार्बी लोंगरी (पीडीसीके), कार्बी पीपुल्स लिबरेशन टाइगर (केपीएलटी) के तीन गुट और यूनाइटेड पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (यूपीएलए) शामिल थे। इन संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के पदभार ग्रहण के बाद सितंबर 2021 में शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे इस क्षेत्र में हिंसा का अंत हुआ और विकास की नई राह खुली। (इनपुट- भाषा)
ये भी पढ़ें-
खाली पड़े घर में पहुंचे बच्चे, खेलते-खेलते गेंद समझ उठा लिया बम, फिर जो हुआ...
यहां आने वाली है भूकंप की बड़ी तबाही, स्टडी में हुआ खुलासा, जानकर कांप उठेंगे आप
संपादक की पसंद