नॉर्थ ईस्ट में भारी बारिश के चलते सभी राज्यों में भारी नुकसान हुआ है। सिक्किम में लगातार बारिश और भूस्खलन से बाधित मुख्य सड़क की वजह से शनिवार को उत्तरी सिक्किम के विभिन्न हिस्सों में कम से कम 500 पर्यटक फंस गए जबकि आठ लापता हैं। वहीं, मेघालय में शनिवार को भारी बारिश के कारण बिजली गिरने से दो लड़कियों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य की डूबने से मौत हो गई। वहीं, अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि सिक्किम में भारी बारिश के कारण लापता आठ पर्यटकों की तलाश बाधित हुई और तीस्ता नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद अंततः इसे बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार की रात मंगन जिले में तीस्ता नदी में एक वाहन के गिर जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, दो अन्य घायल हो गए जबकि आठ लापता हो गए। लाचेन-लाचुंग राजमार्ग पर मुन्सिथांग के पास यह वाहन 1,000 फुट से अधिक गहराई में नदी में गिर गया।
सिक्किम में पर्यटक फंसे
एक अधिकारी ने बताया कि चुंगथांग को लाचेन और लाचुंग से जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर स्थान स्थानों पर भूस्खलन की घटना हुई, जिसके कारण उत्तरी सिक्किम के विभिन्न हिस्सों में कम से कम 500 पर्यटक फंस गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज कोई पर्यटक परमिट जारी नहीं किया गया है और कल भी उत्तरी सिक्किम जाने के लिए परमिट जारी नहीं किया जाएगा।’’ अधिकारी ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। उन्होंने बताया कि भारी बारिश के कारण तीस्ता नदी का जलस्तर बढ़ गया है तथा आने वाले दिनों में इलाके में भारी बारिश का अनुमान है। ओडिशा के भुवनेश्वर में अधिकारियों ने बताया कि तीस्ता नदी में गिरे पर्यटक वाहन में सवार कुछ लोग उनके राज्य के थे।
मेघालय में बिजली गिरने से दो लड़कियों की मौत
मेघालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘पश्चिमी गारो पहाड़ी जिले में बिजली गिरने से दो लड़कियों की मौत हो गई, तथा री-भोई जिले में एक व्यक्ति डूब गया।’’ मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। अधिकारियों ने बताया कि गत तीन दिनों में राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने बताया, ‘‘भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और बिजली आपूर्ति बाधित होने से करीब 1,100 गांवों में से 49 गांव प्रभावित हुए हैं।’’

मिजोरम में पांच लोगों की मौत
मिजोरम में शनिवार को भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में मकान ढहने से म्यांमा के तीन शरणार्थियों समेत चार लोगों की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि इस मानसून में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। उन्होंने बताया कि पूर्वी मिजोरम के चम्फाई जिले में म्यांमा सीमा के पास वाफाई गांव में शनिवार तड़के हुए भीषण भूस्खलन में म्यांमा के एक परिवार के 34 से 71 वर्ष की आयु के तीन लोगों की मौत हो गई तथा एक अन्य घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी देश में सैन्य तख्तापलट के बाद 2021 से ही परिवार गांव में शरण लिए हुए था, घायल व्यक्ति को फरकॉन के नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
मिजोरम में भूस्खलन की कई घटनाएं
राज्य की राजधानी आइजोल से लगभग 114 किलोमीटर दूर सेरछिप जिले में शनिवार को एक अलग घटना में भूस्खलन के कारण एक मकान ढह जाने से 53 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। अधिकारियों ने कहा कि पीड़ित ने सेरछिप जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। शुक्रवार को आइजोल के थुआम्पुई इलाके में एक मजदूर शिविर पर दीवार गिरने से 37 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया था। मिजोरम में शुक्रवार से भारी बारिश हो रही है, जिससे कई स्थानों पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाएं हुई हैं।
अरुणाचल में 9 लोगों की मौत
अरुणाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण कई जिलों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि पूर्वी कामेंग जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 13 के बाना-सेप्पा खंड पर शुक्रवार देर रात भूस्खलन के कारण एक वाहन के सड़क से बह जाने से दो परिवारों के सात सदस्यों की मौत हो गई। पूर्वी कामेंग के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कामदम सिकोम ने बताया कि वाहन बिचोम जिले के बाना से सेप्पा जा रहा था, तभी भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में आकर वाहन गहरी खाई में जा गिरा।
सिकोम ने कहा, "शनिवार को स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से अभियान पुनः शुरू हुआ। कई घंटों की खोज के बाद मलबा राजमार्ग से लगभग 150 मीटर नीचे पाया गया।" उन्होंने कहा कि वाहन के अंदर सभी सात लोग मृत पाए गए। पुलिस ने बताया कि निचला सुबनसिरी जिले में एक अन्य घटना में जीरो-कामले मार्ग पर पाइन ग्रूव क्षेत्र के निकट एक खेत में भूस्खलन होने से दो मजदूरों की मौत हो गई तथा दो अन्य को बचा लिया गया।

निचला सुबनसिरी के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) ओजिंग लेगो ने बताया कि यह घटना बृहस्पतिवार देर रात रान पोलियान कैबेज फार्म में हुई। उन्होंने बताया कि ऊपरी सुबनसिरी में सिगिन नदी के उफान पर आने से जिला मुख्यालय दापोरिजो में अचानक आई बाढ़ से व्यापक क्षति हुई है तथा कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। जिले में 117 से अधिक मकान और कई जरूरी ढांचे खराब मौसम की वजह से प्रभावित हुए हैं।
पश्चिम कामेंग जिले के एक अधिकारी ने बताया कि जमिरी के पास 35 चराई क्षेत्र में कई लोग फंसे हुए हैं। ज्योति नगर, डिरांग, पद्मा और दुर्गा मंदिर क्षेत्रों में भी सड़क अवरुद्ध होने की सूचना है। पश्चिम कामेंग जिले के नफरा-नाखू-नाचिबोम गांवों और बिचोम जिले के बीच संपर्क टूट गया है और कई लोग रास्ते में फंसे हुए हैं। मियोंग नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, हालांकि यह अभी खतरे के निशान से नीचे है।
असम में बाढ़, भूस्खलन में पांच लोगों की मौत
असम में पिछले 24 घंटों में हुए भूस्खलन में पांच लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश के कारण छह जिलों में बाढ़ आ गई है जिससे 10 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने एक आधिकारिक बुलेटिन में कहा कि सभी पांच लोगों की मौत कामरूप महानगर जिले में हुई हैं। राज्य के शहरी मामलों के मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने शुक्रवार को बताया था कि गुवाहाटी के बाहरी इलाके बोंडा क्षेत्र में भूस्खलन की चपेट में आकर तीन महिलाओं की मौत हो गई। उन्होंने कहा था कि कई एजेंसियां प्रभावित लोगों के लिए राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, क्योंकि शुक्रवार को शहर के अधिकांश इलाकों में भारी जलभराव की खबरें आई थीं।
एएसडीएमए बुलेटिन में कहा गया है कि कामरूप महानगर, कामरूप और कछार के पांच राजस्व क्षेत्रों के शहरी इलाकों में बाढ़ की सूचना मिली है। कुल 10,150 लोग प्रभावित हुए हैं तथा दो शिविर और एक राहत वितरण केन्द्र खोला गया है। बुलेटिन में कहा गया है कि तीन जिलों धेमाजी, लखीमपुर, गोलाघाट के आठ राजस्व क्षेत्रों के शहरी इलाकों में बाढ़ की जानकारी मिली है। करीब 2,000 लोग प्रभावित हुए हैं, हालांकि बाढ़ प्रभावित शहरी इलाकों में अब तक कोई शिविर या राहत वितरण केंद्र चालू नहीं है। उत्तरी लखीमपुर राजस्व क्षेत्र के अंतर्गत एक 'रिंग बांध' (एक प्रकार का बांध) टूट गया है। बुलेटिन के अनुसार, प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान विभाग ने चिरांग, बक्सा, बारपेटा, बोंगाईगांव, बजाली, तामुलपुर, दरांग और उदलगुड़ी जिलों के लिए शनिवार को ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है।
मणिपुर में कई इलाकों में जलभराव
मणिपुर में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के चलते शुक्रवार को राजधानी इम्फाल के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इम्फाल पश्चिम जिले के काकवा, थंगमेइबंद और सगोलबंद क्षेत्रों में जलभराव की सूचना मिली है जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। इम्फाल घाटी से होकर बहने वाली इम्फाल और सेरौ नदियों समेत कई अन्य नदियों के जलस्तर में भी काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आईएमडी के इम्फाल स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, गुरुवार को राज्य में सबसे अधिक वर्षा सीमावर्ती क्षेत्र मोरेह में दर्ज की गई, जहां 102 मिमी बारिश हुई। इसके बाद क्रमशः कामजोंग (96 मिमी), चंदेल (76 मिमी) और उखरूल (60.8 मिमी) में वर्षा दर्ज की गई।
सेनापति जिले के उपायुक्त ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर कहा है कि राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र ने शुक्रवार को अत्यधिक वर्षा, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। नोटिस में तीन जून तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताते हुए लोगों से सतर्क और तैयार रहने की अपील की गई है। इसमें विशेष रूप से बारिश या तेज हवाओं के दौरान यात्रा से बचने, खेतों और नदियों के किनारे जाने जैसी बाहरी गतिविधियों को स्थगित करने और कमजोर ढांचों, बाढ़ संभावित इलाकों, नदियों व ढलानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। चंदेल जिला पुलिस ने भी एक परामर्श जारी कर निवासियों से चाकपी नदी के किनारे न जाने और वहां मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से बचने की अपील की है क्योंकि लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया है।
त्रिपुरा में बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित
त्रिपुरा में शुक्रवार को रुक-रुक कर हुई बारिश के चलते सामान्य जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य भर में अगले 24 घंटों के दौरान अत्याधिक भारी बारिश और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई है। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य की राजधानी अगरतला में पिछले 24 घंटों में 25 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के एक अधिकारी ने बताया, "गुरुवार को सेपाहीजाला, पश्चिम और खोवाई जिलों में 'रेड अलर्ट' जारी किया गया था। हालांकि रुक-रुक कर हुई बारिश के बावजूद कहीं से भी बाढ़ की कोई सूचना नहीं मिली है।" भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के एक अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के कारण बृहस्पतिवार को कोलकाता से अगरतला आने वाली दो उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, लेकिन शुक्रवार को विमान सेवाएं सामान्य रुप से संचालित हो रही हैं।
क्यों हो रही बारिश?
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, बांग्लादेश में बने ‘अवदाब’(डिप्रेशन) के कारण भारी बारिश की संभावना है। अवदाब का आशय कम दबाव के क्षेत्र से है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने निचला सुबनसिरी, पश्चिम कामेंग, पश्चिम सियांग, लोहित और चांगलांग जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। अधिकारियों ने निचले और आपदा संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने और सभी जरूरी एहतियात बरतने की अपील की है। (इनपुट- पीटीआई भाषा)