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इन जगहों पर SBI समेत 10 विभिन्न बैंकों के ATM से अपने आप ही निकलने लगा कैश, हैकिंग का शक

 Written By: Ankit Tyagi
 Published : Apr 08, 2017 01:37 pm IST,  Updated : Apr 08, 2017 01:37 pm IST

ओडिशा समेत 10 विभिन्न जगहों पर ATM से अचानक बिना कार्ड स्वैप किए अपने आप कैश निकलने लगे। मामले का पता चलते ही बैंकों ने फॉरेंसिंक ऑडिट का आदेश दिए गए।

इन जगहों पर SBI समेत 10 विभिन्न बैंकों के ATM से अपने आप ही निकलने लगा कैश, हैकिंग का शक- India TV Hindi
इन जगहों पर SBI समेत 10 विभिन्न बैंकों के ATM से अपने आप ही निकलने लगा कैश, हैकिंग का शक

नई दिल्ली। ओडिशा में SBI (भारतीय स्टेट बैंक) के एक ATM से अचानक बिना कार्ड स्वैप किए अपने आप नोट निकलने लगे। हालांकि, ऐसा वाक्या ओडिशा में नहीं हुआ, बल्कि देशभर में 10 अलग-अलग जगहों पर विभिन्न बैंकों के ATM पर हुआ। मामले का पता चलते ही SBI ने इसके फॉरेंसिंक ऑडिट का आदेश दे दिया। आपको बता दें कि बिना कार्ड स्वैपिंग के नोट उगलने से किसी भी ग्राहक के नुकसान की खबर अभी तक नहीं आई है।

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कहां-कहां और कैसे की गई गड़बड़ी

  • एक्सपर्ट्स का कहना है कि लैपटॉप या फोन जैसी डिवाइस को एटीएम डिस्पेंसर के यूएसबी पोर्ट से जोड़कर संक्रमित फाइल या वायरस डाला गया जिससे मशीन में गड़बड़ी आ गई। मामले से वाकिफ लोगों के मुताबिक, ऐसी गड़बड़ियां ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में सामने आई हैं।

इससे बहुत बड़ा नुकसान नहीं हुआ

  • बिना कार्ड स्वैपिंग के नोट उगलने से बहुत नुकसान नहीं हुआ, लेकिन एसबीआई इस मामले की जड़ तक पहुंचना चाहता है। एसबीआई के एक अधिकारी ने कहा, इससे बहुत बड़ा नुकसान नहीं हुआ क्योंकि एक एटीएम में अक्सर 10 लाख रुपए से कम ही होता है और इसका किसी भी ग्राहक के अकाउंट पर भी प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ा है क्योंकि मशीन बिगड़ने के बाद कोई एक भी कार्ड स्वाइप नहीं हुआ।

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बैंकों को हैकिंग का शक

  • माना जा रहा है कि नेटवर्क में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है, बल्कि  इन मशीनों की स्थानीय स्तर पर हैकिंग की गई है। क्योंकि इनमें आउटडेटेड सॉफ्टवेयर रन कर रहे थे।

एसबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि

अभी फॉरेंसिक ऑडिट जारी है और हम यह पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या सॉफ्टवेयर मैलफंक्शन की वजह से सिस्टम में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने बताया, इस तरह का ऑडिट पूरा होने में लगभग चार से छह सप्ताह का वक्त लगता है। ऐसे में हमें इस महीने के आखिर तक रिपोर्ट मिल जाने की उम्मीद है।

जल्द उठाए जाएंगे सुरक्षा के लिए जरूरी कदम 

  • एक अधिकारी के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) इस मामले से वाकिफ है और हम नैशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के साथ काम कर रहे हैं। बैंकों को मशीनों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा जाएगा।
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