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दिल्ली में जुटे देश भर के ट्रेडर्स, सरकार को दी चेतावनी

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Apr 05, 2016 01:52 pm IST,  Updated : Apr 05, 2016 02:22 pm IST

ई-कॉमर्स में एफडीआर्इ कानून के खिलाफ ट्रेडर्स ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। ट्रेडर्स ने सरकार से दोबारा विचार करने की मांग की है।

ज्वैलर्स के बाद ट्रेडर्स ने खोला मोर्चा, ई-कॉमर्स में FDI की मंजूरी के खिलाफ सरकार को दी चेतावनी- India TV Hindi
ज्वैलर्स के बाद ट्रेडर्स ने खोला मोर्चा, ई-कॉमर्स में FDI की मंजूरी के खिलाफ सरकार को दी चेतावनी

नई दिल्ली। ज्वैलर्स की 35 दिनों से चली आ रही हड़ताल अभी खत्म भी नहीं हुई है कि ई-कॉमर्स में एफडीआर्इ कानून के खिलाफ ट्रेडर्स ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा सोमवार को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में तीन दिवसीय राष्ट्रीय व्यापारी महाधिवेशन शुरू हुआ। इसमें देश भर के लगभग 10 हजार व्यापारी नेता भाग ले रहे हैं। ट्रेडर्स का कहना है कि ई-कॉमर्स में एफडीआई से रिटेल बाजार खत्म हो जाएगा। उन्होंने सरकार से इस पर दोबारा विचार करने को कहा है।

कैट के महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने तीन दिवसीय राष्ट्रीय व्यापारी महाधिवेशन के मौके पर कहा कि कारोबारियों ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। इसके अलावा देश भर के व्यापारी नेताओं ने कहा की ई-कॉमर्स में एफडीआइ व्यापारियों को कतई स्वीकार नहीं है और इसका डटकर विरोध किया जाएगा। खंडेलवाल ने कहा कि एफडीआई ने ई-कॉमर्स में व्यापारियों को भारी नुकसान होगा। क्योंकि विदेशी निवेश या तो प्राइवेट इक्विटी अथवा वेंचर कैपिटल से आता है जिस पर कोई ब्याज नहीं लगता। इसके अलावा पश्चिमी देशों में ब्याज की दर 0.75 से तीन प्रतिशत तक है जबकि भारत में बैंक ऋण पर ब्याज की दर कम से कम 12 प्रतिशत है। ब्याज दर में इतने बड़े अंतर से ही ई-कॉमर्स कंपनियां रिटेल व्यापर पर अपना कब्जा जमा लेंगी।

सरकार ने बीते मंगलवार को ई-कॉमर्स के मार्केटप्लेस मॉडल में रिटेल ट्रेडिंग के लिए आटोमैटिक रूट के जरिये 100 फीसदी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) को अपनी मंजूरी दे दी है। सरकार ने मार्केटप्लेस मॉडल की परिभाषा भी सुनिश्चित की है। सरकार के इस फैसले से अब भारत में ई-कॉमर्स का चेहरा पूरी तरह बदलने वाला है। मिनिस्‍ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्‍ट्री के डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन (डीआईपीपी) ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि ई-कॉमर्स के मार्केटप्लेस मॉडल में आटोमैटिक रूट के जरिये 100 फीसदी एफडीआई को अनुमति दी गई है।

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