1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. भारत के मुकाबले 3 गुना हुआ चीन का रक्षा बजट, सैनिकों की सैलरी 40 फीसदी बढ़ाई

भारत के मुकाबले 3 गुना हुआ चीन का रक्षा बजट, सैनिकों की सैलरी 40 फीसदी बढ़ाई

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 05, 2021 02:58 pm IST,  Updated : Mar 05, 2021 03:10 pm IST

चीन ने शुक्रवार को वर्ष 2021 के लिये अपना रक्षा बजट 6.8 प्रतिशत बढ़ाकर 209 अरब डालर कर दिया।

भारत के मुकाबले 3 गुना...- India TV Hindi
भारत के मुकाबले 3 गुना हुआ चीन का रक्षा बजट, 6.8 प्रतिशत की ​वृद्धि के साथ पहुंचा 209 अरब डॉलर

बीजिंग। चीन का रक्षा बजट पहली बार 200 अरब डालर के पार पहुंच गया है। चीन ने शुक्रवार को वर्ष 2021 के लिये अपना रक्षा बजट 6.8 प्रतिशत बढ़ाकर 209 अरब डालर कर दिया। यह आंकड़ा भारत के रक्षा बजट के मुकाबले तीन गुणा से भी अधिक है। चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने चीन की संसद ‘नेशनल पीपुल्स कांग्रेस’ के अधिवेशन के पहले दिन इस बजट की घोषणा की। यह लगातार छठा वर्ष है जब चीन के रक्षा बजट में एक अंकीय वृद्धि हुई है। 

चीन की संसद में 209 अरब डालर का रक्षा बजट ऐसे समय पेश किया गया है जब चीन और भारत के बीच लद्दाख क्षेत्र में तनाव चल रहा है और अमेरिका के साथ भी चीन का सैन्य तनाव जारी है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बजट की जानकारी देते हुये कहा कि इस साल (2021) का योजनाबद्ध रक्षा व्यय 1,350 अरब युआन (करीब 209 अरब अमेरिकी डालर) होगा। एजेंसी ने कहा कि यह लगातार छठा साल है जब रक्षा बजट में एक अंकीय वृद्धि की गई है। 

पढें-  Amazon के नए 'लोगो' में दिखाई दी हिटलर की झलक, हुई फजीहत तो किया बदलाव

पढें-  नया डेबिट कार्ड मिलते ही करें ये काम! नहीं तो हो जाएगा नुकसान

भारत से 10 गुना है अमेरिका का बजट 

एजेंसी ने कहा है कि चीन का रक्षा बजट अमेरिका के रक्षा बजट का एक चौथाई के करीब है। अमेरिका का रक्षा बजट 2021 के लिये 740.5 अरब डालर रखा गया है। वहीं भारत के रक्षा बजट के मुकाबले चीन का बजट तीन गुणा से भी अधिक है। भारत का रक्षा बजट (पेंशन सहित) 65.7 अरब डालर के करीब है। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, इससे पिछले साल चीन का रक्षा बजट 196.44 अरब डलर रहा था। 

‘बड़ी उपलब्धि’था 2020 का साल 

प्रधानमंत्री ली ने रक्षा बजट के बारे में 35 पन्ने की 2020 की चीन की उपलब्धि और 2021 के लिये प्रस्तावित कार्यों की रिपोर्ट में पिछले साल यानी 2020 को चीन की सशस्त्र सेनाओं के लिये ‘‘बड़ी उपलब्धि’’ बताया। हालांकि, उन्होंने इसमें चीन के 60 हजार सशस्त्रों सैनिकों, जिन्हें वार्षिक अभ्यास के लिये तैयार किया गया था, उन्हें पूर्वी लद्दाख में पेंगांग जैसे विवादित इलाकों में भेजे जाने का कोई जिक्र नहीं किया। इसके बाद भारत को भी चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के मुकाबले अपने सैनिकों को वहां तैनात करना पड़ा। दोनों देशों की सेनाओं के बीच करीब आठ माह तक तनातनी बनी रही। 

पढें-  दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की प्राइज लिस्ट, ​जानिए कितने में मिलेगी कार और बाइक

पढ़ें-   यहां FASTAG है बेकार! इस एप के बिना नहीं मिलेगी Yamuna Expressway पर एंट्री

40 प्रतिशत बढ़ा वेतन

पीएलए ने सशस्त्र सेनाओं में कुशल युवाओं को आकर्षित करने के लिये वेतन में 40 प्रतिशत बढ़ोतरी की भी घोषणा की है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने पिछले साल एक सम्मेलन में 2027 तक अमेरिका के बराबर की पूरी तरह से आधुनिक सेना बनाये जाने की योजना को अंतिम रूप दिया था। वर्ष 2027 चीन की सेना का शताब्दी वर्ष भी है। अमेरिका के बाद रक्षा क्षेत्र पर चीन सबसे जयादा खर्च करने वाला देश है। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा