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जी-7 में बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर न्यूनतम कर और चीन की आर्थिक नीतियों से मुकाबले पर सहमति

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jun 13, 2021 10:09 pm IST,  Updated : Jun 13, 2021 10:11 pm IST

पिछले दो साल में पहली बार प्रत्यक्ष तौर पर जी 7 समूह की बैठक हुई। इसमें कोविड 19, चीन की आर्थिक नीतियों पर बात हुई। साथ ही गरीब देशों को कोविड टीका उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी

चीन की आर्थिक नीतियों...- India TV Hindi
चीन की आर्थिक नीतियों के खिलाफ एकजुट G7 Image Source : AP

नई दिल्ली। दुनिया के अमीर देशों के नेताओं ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर वैश्विक न्यूनतम कर का समर्थन किया और सहमति जतायी कि वे चीन की बाजार विरोधी आर्थिक नीतियों से मुकाबला के लिए साथ मिलकर काम करेंगे। दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड में रविवार को जी-7 के शिखर सम्मेलन के समापन पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने समूह के नेताओं के बीच तालमेल की सराहना की और इसके साथ ही गरीब देशों को 100 करोड़ कोविड़ टीके उपलब्ध कराने की भी बात कही है।

पिछले दो साल में पहली बार प्रत्यक्ष तौर पर जी 7 समूह की बैठक हुई। इस अवसर पर जी-7 के नेताओं ने यह संकेत दिया कि चीन की तुलना में गरीब देशों के लिए समूह के कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका अच्छे मित्र हैं।

जी-7 के देशों ने कर से बचने का प्रयास कर रही बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर कम से कम 15 प्रतिशत वैश्विक कर लगाने को लेकर भी चर्चा की। अमेरिका ने न्यूनतम कर की पैरवी की और राष्ट्रपति जो बाइडन का मानना है कि एक साथ काम करते हुए यह सम्मेलन ज्यादा उचित वैश्विक अर्थव्यवस्था का समर्थन कर सकता है। समूह द्वारा रविवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘चीन के संबंध में और प्रतिस्पर्धा के लिए हम वैश्विक अर्थव्यवस्था के निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था को कमजोर करने वाली बाजार विरोधी नीतियों और प्रथाओं को चुनौती देने के लिए सामूहिक दृष्टिकोण पर परामर्श करना जारी रखेंगे।’’ इसके साथ ही दुनिया के अमीर देशों के नेताओं ने गरीब देशों को कोविड-19 रोधी टीके की एक अरब से ज्यादा खुराकें मुहैया कराने का संकल्प लिया है।  ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि 2022 के अंत तक देशों को सीधे तौर पर और अंतरराष्ट्रीय ‘कोवैक्स’ पहल, दोनों तरीके से कोविड-19 रोधी टीकों की एक अरब खुराकों की आपूर्ति की जाएगी। 

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