नई दिल्ली। घरेलू कालाधन की घोषणा को और प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने इसे और राहत देने वाला बनाने के लिए एक और कदम उठाया है। इसके तहत कालेधन की घोषणा करने वाले लोग ब्याज और दंड तीन किस्तों में चुका सकते हैं। ब्याज और जुर्माने की 25 फीसदी राशि का भुगतान 30 नवंबर 2016, 25 फीसदी राशि का 31 मार्च 2017 तक और शेष का भुगतान 30 सितंबर 2017 तक किया जा सकता है।
अघोषित आय से टैक्स अदा नहीं कर सकते
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि आयकर अनुपालन की एक समय के लिए दी जा रही सुविधा का उपयोग करने वाले व्यक्ति अपनी देनदारी कम करने के लिए अघोषित आय से कर एवं जुर्माना अदा नहीं कर सकते। ऐसा करने वालों के साथ कोई नरमी नहीं की जाएगी।
सरकार ने अक्सर पूछे गए सवालों (एफएक्यू) के तौर पर दिए गए स्पष्टीकरण में कहा है, योजना के तहत कर, अधिभार और जुर्माने की दर में बदलाव की कोई मंशा नहीं है जिसका जिक्र स्वयं योजना में किया गया है। इसमें कहा गया है, वित्त अधिनियम 2016 की धारा 184 और 185 में अघोषित आय पर 45 फीसदी कर, अधिभार और जुर्माने का जिक्र किया गया है।
इसमें कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति एक जून 2016 को 100 लाख रुपए की अघोषित आय का खुलासा करता है और वह अन्य अघोषित संपत्ति से 45 लाख रुपए (30 लाख रुपए, 7.5 लाख रुपए और 7.5 लाख रुपए) का कर, अधिभार और जुर्माना अदा करता है तो इस मामले में घोषणा करने वाले को योजना के तहत इस 45 लाख रुपए का इस्तेमाल कर, अधिभार और जुर्माने के भुगतान के लिए इस्तेमाल किया गया है पर उसे घोषित आय में शामिल नहीं किया गया है तो उसे कार्रवाई से कोई छुटकारा नहीं मिलेगा। विभाग ने कहा कि इस योजना में छुटकारा पाने के लिए ऐसे व्यक्ति को अपनी पूरी 145 लाख रुपए की अघोषित आय की जानकारी देने होगी और उस पर कर, अधिभार तथा जुर्मान के तौर पर 65.25 लाख रुपए की देनदारी बनेगी।
कालाधन बताने वाले का नाम रहेगा गुप्त
कालाधन रखने वालों को 1 जून से शुरू चार माह की विंडो दी गई है। ब्लैकमनी रखने वाला व्यक्ति अपनी कुल अघोषित आय का 45 फीसदी टैक्स और जुर्माना देकर ब्लैक मनी को व्हाइट कर सकता है। सरकार उससे नहीं पूछेगी कि उसने यह धन कहां से अर्जित किया है। काला धन घोषित करने वाले व्यक्ति का नाम भी गुप्त रखा जाएगा।



































